चर्चित खटुआ हत्याकांड में शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक हाईकोर्ट जस्टिस नंदिता दुबे के समक्ष वर्चुअल रूप से उपस्थित हुए। कनेक्टिविटी सही नहीं होने के कारण एकलपीठ ने याचिका को कल 14 जनवरी को प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए हैं।
देश की पहली स्वेदशी आर्टलरी गन धनुष में रोलिंग बैरिंग घोटाले की जांच में सीबीआई के निशाने पर रहे जूनियर वर्कस मैनेजर शारदा चरण खटुआ की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी मौसमी खटुआ ने हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिकाकर्ता मौसमी खटुआ की तरफ से साल 2019 में दायर याचिका में कहा गया था कि उसके पति एससी खटुआ गन कैरिज फैक्टरी में जूनियर वर्क मैनेजर के पद पर पदस्थ थे। जीसीएफ को धनुष आर्टलरी गन 155 एमएम के निर्माण का प्रोजेक्ट मिला था। गन में उपयोग होने वाला वायर लैस रोलिंग बैरिंग के ठेका दिल्ली की सिध्दी सेल्स को दिया गया था। कंपनी द्वारा चायना मेड बैरिंग में मेड इन जर्मन की सील लगाकर सप्लाई की गई थी। दिल्ली सीबीआई इस मामले की जांच कर रही थी और पूछताछ के लिए 17 जनवरी 2019 को तलब किया था।
उनके पति 17 जनवरी 2019 की सुबह घर से निकले थे, जो वापस नहीं लौटे। बीस दिन बाद उसके पति की क्षत-विक्षत लाश शासकीय निवास से एक किलोमीटर दूर पंप हाउस के पास 5 फरवरी को मिली। फैक्टरी क्षेत्र में मैन गेट में लगे सीसीटीवी कैमरे में उसके पति आते हुए दिखाई दे रहे थे। उसके पति के हत्या फैक्टरी क्षेत्र में की गई है।
याचिका में कहा गया था कि आठ माह से अधिक का समय गुजर जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है, इसलिए प्रकरण को जांच के लिए सीबीआई के सुपुर्द किया जाए।
पूर्व में पुलिस विभाग की तरफ से न्यायालय को बताया गया था कि हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। इसके अलावा भोपाल स्थित मेडिको लीगल इंस्टीट्यूट व सागर स्थित एफएसएल से जांच के लिए भेजे गए मृतक के कपड़ों, घटना स्थल में मिला खून सहित अन्य नमूने की रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। एकलपीठ ने पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया था कि रिपोर्ट प्राप्त करने संस्थाओं के डायरेक्टर से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करें।
तीन सुनवाई से बुलाया जा रहा एसपी को
पिछली तीन सुनवाई से हाईकोर्ट पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से तलब कर रही थी। याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता के साथ वर्जुअल रूप से एकलपीठ के समक्ष उपस्थित हुए थे। एकलपीठ ने शुक्रवार को फिर पुलिस अधीक्षक को उपस्थित रहने के निर्देश जारी किए हैं। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता मुकेश कुमार मिश्रा ने पैरवी की।