कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ती जा रही है। साल की शुरुआत में जो आंकड़ा सौ के आसपास था वह 13 दिन में हजार के पार हो गया है। एक्टिव मरीज पांच हजार के आसपास हो गए हैं। राहत यही है कि किसी में गंभीर लक्षण नहीं है लेकिन तीसरी लहर की आशंका चिंता बढ़ा रही है।
बुधवार देर रात जारी बुलेटिन में इंदौर में 1104 नए कोरोना मरीज मिले हैं। 309 मरीजों को बुधवार को डिस्चार्ज भी किया गया। लेकिन एक्टिव मरीज बढ़कर पांच हजार तक पहुंच गए। 10 हजार 89 सैंपलों की जांच की गई थी, जिस लिहाज से संक्रमण की दर 10.94 हो गई है। जो नए पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं उनमें किसी में भी गंभीर लक्षण नहीं है। अधिकांश को होम आइसोलेशन में रखा गया है। गौरतलब है कि बुधवार को एयरपोर्ट पर भी पांच यात्री पॉजिटिव निकले थे। इनमें तीन भोपाल और दो इंदौर के थे। इस मामले में यह बात सामने आई कि मंगलवार को यात्रियों की आरटीपीसीआर जांच करवाई गई थी जो नेगेटिव थी। संयुक्त अरब अमीरात सरकार के निर्देश अनुसार यात्रा के छह घंटे पहले रैपिड पीसीआर जांच होना जरूरी है। वहां से आने वाली उड़ान में से केवल दो या तीन यात्रियों की जांच की जाएगी। सीएमएचओ डॉ बीएस सैत्या ने बताया कि एयरपोर्ट पर मिले पांचों संक्रमितों में से किसी को भी कोरोना के गंभीर लक्षण नहीं थे। इनमें से एक व्यक्ति इंदौर, एक बड़वानी और तीन भोपाल के थे। भोपाल और बड़वानी के संक्रमितों को भोपाल और बड़वानी भेज दिया गया है। जबकि इंदौर निवासी संक्रमित को घर पर ही क्वारंटीन किया गया है।
वीडियो कॉल से ले रहे फीडबैक
नए मरीज मिलने के बाद संक्रमण दर बढ़ती जा रही है जो चिंताजनक है। राहत केवल इस बात की है कि अधिकांश मरीज एसिम्प्टोमेटिक ही है। जो लोग पॉजिटिव आ रहे हैं उनमें सामान्य लक्षण है और वे पांच दिन में अस्पताल से घर लौट रहे हैं। घर पर आइसोलेशन में रह रहे मरीजों से कोविड कंट्रोल रूम से वीडियो कॉल कर फीडबैक लिया जा रहा है। टीम लगातार इन पर नजर रख रही है।