केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 को लेकर जिले में अलग–अलग वर्गों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। किसी ने इसे विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में मजबूत कदम बताया तो किसी ने इसे प्रदेश के साथ भेदभाव और आम जनता को गुमराह करने वाला करार दिया। बजट पर समाजसेवी, राजनीतिक प्रतिनिधि और व्यवसायी वर्ग ने अपने-अपने नजरिए रखे।
समाजसेवी आशीर्वाद जैन ने बजट को शहर के सकारात्मक बताते हुए कहा कि यह बजट वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को सशक्त आधार प्रदान करता है। उनके अनुसार यह बजट देश में निरंतर प्रगति, विकास और समृद्धि को गति देगा। साथ ही सनातन धर्म एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी। जैन का मानना है कि यह बजट भारत की अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर सुदृढ़ बनाते हुए विश्व में तीसरे स्थान तक पहुंचाने की दिशा में सहायक सिद्ध होगा।
वहीं युवा कांग्रेस नेता सुल्तान भुट्टो ने बजट की कड़ी आलोचना की है।
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उन्होंने कहा कि पिछले बजट की कई घोषणाएं और कार्य आज भी अधूरे पड़े हैं। हर वर्ष बजट में गुजरात को विशेष लाभ मिलता रहा है, जबकि मध्य प्रदेश को लगातार नजरअंदाज किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता ने भाजपा को 29 के 29 सांसद दिए और पिछले 20 वर्षों से भाजपा की सरकार को समर्थन दिया, इसके बावजूद केंद्र सरकार ने प्रदेशवासियों के साथ धोखा किया है। उनका कहना है कि मोहन यादव सरकार लगातार कर्ज में प्रदेश को डुबो रही है, केंद्र से अपेक्षित मदद नहीं मिल रही और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी नहीं हैं। भुट्टो ने बजट को पूरी तरह लुभावना और आम जनता को गुमराह करने वाला बताया।
व्यवसायी अनिकेत पटेल ने बजट के कुछ प्रावधानों की सराहना की, तो कुछ मुद्दों पर नाराजगी भी जताई। उन्होंने कहा कि कैंसर मरीजों के लिए दवाइयों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट देना एक सराहनीय कदम है, जिससे जरूरतमंद मरीजों को राहत मिलेगी। हालांकि उन्होंने जिले में लंबे समय से अटके रेलवे लाइन सर्वे का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बजट में इसके लिए ठोस प्रावधान किया जाना चाहिए था, ताकि क्षेत्र को रेल सुविधा मिल सके।