खरगोन नगर की सामाजिक रूप से सक्रिय रेखा नारमदेव (58) का गुरुवार को हृदयाघात से आकस्मिक निधन हो गया। उनके जाने की खबर से शहर में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, उनके देहदान के संकल्प ने सभी को भावुक कर दिया।
सुबह रोज़ की तरह रेखा जी ने घर के बाहर पूजा के लिए फूल तोड़े और कॉलोनी की महिलाओं से मुस्कुराते हुए सहज बातचीत की। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद वे सभी से हमेशा के लिए दूर चली जाएंगी। लगभग 8:45 बजे उन्हें अचानक घबराहट महसूस हुई। परिजन उन्हें तत्काल निजी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जहां करीब 9 बजे साइलेंट हार्ट अटैक आने से उनका निधन हो गया। डॉक्टरों ने सभी प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
2018 में लिया था देहदान का संकल्प
रेखा नारमदेव और उनके पति अजय नारमदेव ने वर्ष 2018 में मानवता की सेवा के लिए महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में संयुक्त रूप से देहदान का संकल्प लिया था। आज उनके जाने के बाद परिजनों ने दृढ़ मन से उसी संकल्प को पूरा करते हुए देहदान की प्रक्रिया संपन्न कराई। परिवार के इस निर्णय को पूरे शहर ने सराहा।
देहदान के सम्मान में पुलिस बल ने रेखा नारमदेव को गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई इस सलामी के दौरान हर किसी की आंखें नम हो उठीं। बड़ी संख्या में समाजसेवी, परिचित और आसपास के लोग मौजूद रहे। पूरे माहौल में एक ओर दुःख था, तो दूसरी ओर उनके निर्णय के प्रति सम्मान भी।
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सामाजिक गतिविधियों में थी सक्रिय
रेखा नारमदेव अपने सेवा-भाव, सहज स्वभाव और समाज के प्रति समर्पण के लिए जानी जाती थीं। वे कई सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहीं और हमेशा जरूरतमंदों की मदद को तत्पर रहती थीं। उनका देहदान न केवल एक परिवार का संकल्प पूरा होने की मिसाल है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणा भी। रेखा नारमदेव भले ही अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका आदर्श और मानवता के लिए किया गया यह अंतिम दान हमेशा याद रखा जाएगा।
रेखा नारमदेव को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।