मध्यप्रदेश में खरगोन जिले के कसरावद स्थित ओद्योगिक क्षेत्र निमरानी की राज इंजीनियरिंग वर्क कंपनी में एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस हादसे में काम के दौरान एक मजदूर का हाथ अचानक मशीन में आ जाने के चलते वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद कंपनी में काम कर रहे दूसरे मजदूरों ने उसे आनन-फानन में धामनोद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। हालांकि, वहां से भी उसे गंभीर घायल होने के चलते इंदौर रेफर कर दिया गया है। वहीं, जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर सुरक्षा मानकों की कमी के चलते ने बैग बनाने की इस कंपनी को फिलहाल सील कर दिया है।
कसरावद के औद्योगिक क्षेत्र निमरानी में प्लास्टिक बैग का निर्माण करने वाली कंपनी राज इंजीनियरिंग वर्क में सोमवार को रोजाना की तरह मजदूर अंतिम पिता संतोष गांगले उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम पथोरा काम करने गया हुआ था। काम के दौरान मजदूर अंतिम मशीनों की साफ-सफाई कर रहा था। इसी बीच अचानक जिस मशीन के पट्टे की वह सफाई कर रहा था, वही मशीन चालू हो गई और उसका दायां हाथ मशीन की चपेट में आ गया। हादसे में मजदूर के हाथ की उंगलियां मशीन में दब गई, जिसे देखकर आसपास कम कर रहे साथी मजदूर भी घबरा गए और उन्होंने तुरंत मशीन को बंद किया, उसके बाद घायल मजदूर को धामनोद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां से उसे प्राथमिक उपचार कर इंदौर रेफर कर दिया गया। फिलहाल, मजदूर की हालत गंभीर बताई जा रही है।
काम के दौरान चालू हो गई ऑटोमेटिक मशीन
इधर, घायल हुए मजदूर के साथी राजा सोलवाने का कहना था कि काम करने के दौरान ऑटोमेटिक मशीन चालू होने से उसका हाथ मशीन में आ गया था, जिसमें उसकी उंगलियां दब गयीं और फिर उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, इस मामले में बलकवाड़ा थाना प्रभारी रामेश्वर ठाकुर ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र निमरानी में स्थित राज इंजीनियरिंग वर्क के नाम से कंपनी है, जहां प्लास्टिक के बैग बनते हैं। वहां कार्य करते हुए मजदूर अंतिम गांगले का मशीन में हाथ आया है, जिसमें उसकी उंगलियां दब गयीं।
हादसे के बाद कंपनी को किया सील
वहीं, थाना प्रभारी ठाकुर ने बताया कि हादसे के बाद कंपनी मालिक जसवंत सरदार द्वारा धामनोद अस्पताल में घायल को भर्ती कराया था। जहां से उसे इंदौर रेफर किया गया है। सूचना मिलने पर हमने आईओ को रवाना किया था और अभी हमने आईओ को इंदौर भेजा है, उसके कथनों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इसी मामले को लेकर उच्च अधिकारियों द्वारा तहसीलदार को निर्देशित कर कंपनी को सील कर दिया गया है।