मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के शपथ लेने के बाद से ही कोलाहल अधिनियम को लेकर दिए गए उनके आदेश की चर्चा देशभर में जारी है। इसी बीच शनिवार देर रात प्रदेश के खरगोन जिले के सनावद में हो रहे भजन कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासन ने पहुंचकर मुख्यमंत्री के आदेश का हवाला देते हुए भजन कार्यक्रम को रुकवा दिया। संभवतः यह प्रदेश का पहला मामला है जब इस तरह के किसी धार्मिक कार्यक्रम को कोलाहल अधिनियम के तहत रुकवाया गया है।
बता दें कि खरगोन के सनावद में लगभग 117 सालों से हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक पिरान पीर शीतला माता मेला लगता है, और इसमें भजन और कव्वाली के कार्यक्रम होते हैं। शनिवार रात यहां खाटू श्याम के भजनों का भगवती जागरण कार्यक्रम रखा गया था।
रात 10 बजे पुलिस और प्रशासन की टीम ने पहुंचकर मुख्यमंत्री के आदेश का हवाला देते हुए कोलाहल अधिनियम के अंतर्गत इस कार्यक्रम को बंद करवा दिया। साथ ही कार्यक्रम में मात्र दो छोटे स्पीकर मध्यम आकार में बजाने की बात प्रशासन ने कही, और रात 10 से लेकर सुबह 6 बजे तक कार्यक्रम को पूर्णतः बंद रखने का कहा। हालांकि प्रशासन की कार्रवाई की विरोध में यहां मौजूद भक्त जय श्री राम के नारे लगाने लगे, और इसको लेकर अपना विरोध दर्ज कराने लगे। साथ ही इस मेले का आयोजन करने वाली नगर पालिका परिषद के सदस्यों ने भी आयोजन को रद्द करते हुए प्रशासन के खिलाफ धरना देने की बात कही।
प्रशासन दिखाए गिरफ्तार करके
मामले में सनावद नपा अध्यक्ष के प्रतिनिधि इंदर बिरला ने बताया कि शासन-प्रशासन की मंशा है कि पूरे मध्य प्रदेश में कोई भी धार्मिक कार्यक्रम ना हो, और इसके पहले भी जब हम लोगों ने मेला प्रशासन की मीटिंग रखी थी, जिसमें यहां के दोनों तहसीलदार भी थे। लेकिन उन्होंने हमें किसी बात से अवगत नहीं कराया। आज पुलिस प्रशासन द्वारा हमको बगैर बताए पूरे साउंड को बंद कर दिया गया। यह इस कार्यक्रम का 117वां साल है, अगर शासन प्रशासन अपना निर्णय नहीं बदलेगा तो हम इस गूंगी बहरी सरकार के खिलाफ धरना आंदोलन करेंगे। हम इस मेले का भी बहिष्कार करते हैं कि अब शासन ही आकर मेला चलाए। नगर पालिका परिषद किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं करेगी। पुलिस कार्रवाई को तानाशाही बताया। प्रशासन में अगर दम है तो मैं धरने पर बैठूंगा, मुझे गिरफ्तार करके दिखाए।
शासन के निर्देश अनुरूप करवाए जाएंगे कार्यक्रम
तहसीलदार सनावद अंतर सिंह गणेश ने बताया कि यह जो भजन संध्या थी, इसके लिए हमने अनुमति जारी की थी। उस अनुमति में स्पष्ट उल्लेख था कि रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक ये पूर्णतः बंद रहेगा। उसी के तहत यह कार्यक्रम बंद करवाया गया है, और कोलाहल अधिनियम 1985 में भी स्पष्ट गाइडलाइन है कि रात 10 बजे के बाद पूर्णतः इस पर प्रतिबंध है। इसलिए अब तक क्या हुआ यह तो हमें नहीं मालूम, लेकिन अब शासन के निर्देश के अनुरूप ही कार्यक्रम करवाए जाएंगे।
भविष्य में भी कराया जाएगा इसी तरह बंद
सनावद थाना प्रभारी इंद्रेश त्रिपाठी ने बताया कि अभी शासन के निर्देश हैं और कोलाहल अधिनियम में भी है कि दो मध्यम आकार के स्पीकर बॉक्स ही बजेंगे। इसको लेकर हमने सीएमओ साहब को बता भी दिया था, और हमने अभिमत भी दिया था कि मात्र दो मध्यम आकार के स्पीकर बॉक्स ही बजेंगे, और आयोजकों को कई बार दिन भर में करीब 5 से 6 बार बोला भी गया था, और फोन करके व्यक्तिगत भी बताया गया था। इसके बावजूद भी जब यहां आकर देखा, तो स्पीकर बॉक्स दो से ज्यादा थे। इस पर उन्हें समझाया गया कि इसमें माननीय सुप्रीम कोर्ट के भी निर्देश हैं कि रात्रि 10 से सुबह 6 बजे तक यह भी बंद रहेंगे। यहां उसी का पालन कराया गया है, और भविष्य में भी कराया जाएगा।