खरगौन जिले के बड़वाह की जाहन्वी यूक्रेन के खारकीव में फंस गई हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते वह मध्य प्रदेश आने के लिए संघर्ष कर रही हैं। जाहन्वी के परिजन बेटी की चिंता में परेशान हैं। वहीं, यूक्रेन में बर्फबारी होने से जान्हवी बुखार से भी पीड़ित हैं, जिसके चलते उनके माता-पिता को उनके स्वास्थ्य की चिंता भी सता रही है। परिजन बेटी के सकुशल भारत आने की प्रार्थना कर रहे हैं।
खरगौन जिले के बड़वाह की जाह्नवी यादव, गोगावां तहसील के टेमा निवासी तुषार यादव और घेगांवा के प्रतीक घनश्याम पाटीदार भी खारकीव में फंसे हुए हैं। सभी के परिजन चिंतित हैं और भारत सरकार से जल्द से जल्द बच्चों को सुरक्षित इंडिया लाने की गुहार लगा रहे हैं।
जाहन्वी की मां बबीता अग्रवाल ने बताया कि शनिवार रात को उनकी बेटी से बात हुई थी। बर्फबारी के चलते खारकीव में ठंड बढ़ गई है, जिससे बेटी को सर्दी हो गई है और बुखार आ रहा है। जाहन्वी के साथ गुजरात की 4 सहेलियां भी हैं। बच्चों के पास सोने की भी जगह नहीं है रात भर बैठे-बैठे नींद लेना पड़ रहा है। बुखार होने और आराम न मिलने के चलते जाहन्वी की हालत और खराब होती जा रही है।
जाहन्वी की मां ने बताया कि बेटी जल्दबाजी में दवाइयां और जरूरी सामान भी हॉस्टल में छोड़ आई है। हालांकि जहां जाहन्वी हैं वहां एक महिला ने उसे बुखार की गोलियां दी हैं। जाहन्वी की मां ने कहा हम ईश्वर से रोज बेटी के सकुशल घर वापस आने की प्रार्थना कर रहे हैं। हर समय बस बेटी की चिंता सता रही है। जाहन्वी की बड़ी बहन यूके में जॉब करती हैं वहीं उसके पिता कॉपरेटिव सोसायटी में जॉब करते हैं।