अस्पतला में भर्ती शिवम शुक्ला की हालत में सुधार
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खरगोन जिले में रामनवमी के दिन हुए उपद्रव में घायल शिवम शुक्ला को पांच दिन बाद होश आ गया है। इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती शिवम की हालत में अब सुधार है। शिवम की तबीयत में सुधार होने के बाद उसके परिजनों ने राहत की सांस ली है। शिवम रविवार से इंदौर के अस्पताल में भर्ती है जहां उसका इलाज जारी है। बवाल वाले दिन वह उपद्रवियों की चपेट में आ गया था, जिसके चलते उसके सिर में गंभीर चोट आई है। शिवम की हालत में सुधार होने के बाद उसे वेंटिलेटर से हटाकर शिफ्ट कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने सीएचएल अस्पताल जाकर शिवम का हालचाल जाना। मनीष सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के स्पष्ट निर्देश हैं कि सिवम का बेहतर से बेहतर उपचार किया जाए। इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। खबरें आ रही थी कि शिवम के इलाज में लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं। कुछ समाजिक संगठनों ने परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की है, ताकि शिवम का इलाज हो सके।
बहन की शादी टली
शिवम की बहन कृतिका शुक्ला की शादी 17 अप्रैल को होना तय था। लेकिन शिवम की हालत को देखते हुए दोनों परिवारों ने शादी को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। बहन की शादी के कार्ड भी बांटे जा चुके थे। शिवम शुक्ला धार जिले का रहने वाला है।उसकी बहन की शादी गुजरात में हो रही है।
खरगोन में रहकर पढ़ाई कर रहा है शिवम
धार जिले के रहने वाला शिवम खरगोन में अपने मामा के यहां रहता है। वह खरगोन के पॉलिटेक्निक कॉलेज से डिप्लोमा कर रहा है। घटना वाले दिन शिवम अपने मामा के लड़के और कुछ दोस्तों के साथ सिद्धनाथ मंदिर में दर्शन करने जा रहा था। जिस समय उपद्रवियों ने पथराव किया उसी दौरान शिवम को गोली लग गई और वह घायल हो गया।
पढ़ने में होशियार है शिवम
गंभीर रूप से जख्मी शिवम को खरगोन जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था लेकिन उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है। शिवम की हालत को लेकर परिजन बेहद चिंतित हैं। शिवम की मामी ने बताया कि उनका भांजा पढ़ने में बेहद होशियार है। बहन की शादी को लेकर वह काफी उत्साहित था, उसने शादी के लिए नए कपड़े भी लिए थे। वहीं , परिजनों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। परिवार वालों का कहना है कि बड़ी घटना होने के बाद भी किसी ने शिवम की हालत के बारे में जानकारी नहीं ली। विधायक कुछ ही दूरी पर रहते हैं लेकिन न तो उनसे किसी तरह की मदद मिली न ही उन्होंने सुध ली।