खरगोन जिले में रामनवमी के दौरान हिंसा में हुए नुकसान का आकलन और आरोपियों से वसूली करने के लिए ट्रिब्यूनल के दो सदस्य मंगलवार को हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
अतिरिक्त कलेक्टर एस एस मुजाल्दा द्वारा जारी आदेश से मिली जानकारी के अनुसार ट्रिब्यूनल प्रमुख, सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश डॉ शिवकुमार मिश्रा और सेवानिवृत्त राज्य सचिव सदस्य प्रभात पाराशर 26 अप्रैल को खरगोन शहर का दौरा करेंगे। आदेश में यह भी कहा गया है कि दावा न्यायाधिकरण के कामकाज के लिए कर्मचारियों को आवंटित किया गया था।
मध्य प्रदेश सरकार ने इस महीने की शुरुआत में खरगोन शहर में हुई हिंसा के दौरान हुए नुकसान के आकलन से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए सार्वजनिक और निजी संपत्ति वसूली अधिनियम-2021 के प्रावधानों के अनुसार दो सदस्यीय दावा न्यायाधिकरण का गठन किया था।
10 अप्रैल को जिले में हिंसा के बाद से कर्फ्यू लगाया गया था, जिसमें स्थानीय प्रशासन द्वारा हर दिन कुछ घंटों की ढील दी जा रही है। सोमवार को लगातार तीसरे दिन खरगोन में सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक नौ घंटे के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई, कृषि मंडी को भी खोलने की अनुमति मिली है। स्थानीय प्रशासन 14 अप्रैल से कुछ घंटों के लिए कर्फ्यू में ढील दे रहा है। जिला प्रशासन के आदेश के अनुसार पेट्रोल पंपों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों से मिट्टी के तेल की बिक्री के लिए कर्फ्यू में छूट लागू नहीं है। कर्फ्यू में ढील की अवधि के दौरान दूध, सब्जी, दवाई और नाई की दुकानें खुले रहने की अनुमति है।
बता दें, 10 अप्रैल को रामनवमी समारोह के दौरान खरगोन शहर में सांप्रदायिक झड़पें हुई थीं, इस दौरान दुकानों और घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था, वाहनों को आग लगा दी गई थी और पथराव किया गया था।