नर्मदा के घाटों पर बढ़ा जलस्तर
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खरगोन जिले के कसरावद क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना और ओंकारेश्वर डैम से छोड़े जा रहे अतिरिक्त पानी के चलते जिला प्रशासन ने नर्मदा नदी के किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। नर्मदा के निचले इलाकों में लगातार मुनादी कर लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जा रही है। जिला कलेक्टर भव्या मित्तल ने संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, सीएमओ और जनपद सीईओ को निर्देशित किया है कि ओंकारेश्वर बांध के गेट खोलने से पहले ही ग्रामीण क्षेत्रों को अलर्ट किया जाए, ताकि समय रहते लोग सचेत हो सकें। रविवार को कसरावद एसडीएम सत्येंद्र बैरवा ने भी नर्मदा घाटों का निरीक्षण किया और तटों पर मौजूद दुकानदारों को सुरक्षा के संबंध में समझाइश दी।
3510 क्यूमेक्स अतिरिक्त जल प्रवाह, नाव संचालन पर रोक
एसडीएम सत्येंद्र बैरवा ने बताया कि रविवार सुबह 5 बजे से ओंकारेश्वर डैम के नौ गेट खोल दिए गए हैं और पावर हाउस से पानी छोड़ने के चलते नर्मदा में करीब 3510 क्यूमेक्स अतिरिक्त पानी का प्रवाह दर्ज किया गया है। साथ ही क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है, जिससे बाढ़ की आशंका बनी हुई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तटीय गांवों में कोटवार, पटवारी, सचिव व सोशल मीडिया के माध्यम से मुनादी करवाई जा रही है।
सुरक्षा के मद्देनज़र नर्मदा घाटों पर एनडीआरएफ और पुलिस बल को तैनात किया गया है। वहीं प्रशासन ने नाव संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को घाटों की ओर न जाने और महिलाओं, बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है। घाटों पर तीन से चार फीट तक पानी भर चुका है, जिससे प्रशासन सतर्क निगरानी बनाए हुए है। प्रशासनिक अमला लगातार गांवों का भ्रमण कर रहा है और स्थानीय लोगों को किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए तैयार रहने को कहा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर पैनी निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत कार्य शुरू किए जाएंगे।