ओंकारेश्वर में श्रावण मास के छह सोमवारों को लेकर बैठक गई। जिसमें प्रशासन ने दर्शन, स्वास्थ्य, घाटों की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और विभागीय जिम्मेदारियों को लेकर विस्तृत कार्य योजना बनाई है।
श्रावण मास 2025 में इस बार 14 जुलाई से 28 अगस्त तक कुल छह सोमवार पड़ रहे हैं। ओंकारेश्वर में इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम में एसडीएम शिवम प्रजापति की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर पांच अहम बिंदुओं पर कार्य योजना बनाई गई।
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क्या रहेगी दर्शन व्यवस्था?
सप्ताह के शनिवार, रविवार और सोमवार को विशेष दर्शन प्रबंध रहेंगे।
स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए प्रातः 9:00 बजे तक विशेष दर्शन की सुविधा होगी।
भीड़ को देखते हुए दोपहर में मंदिर जल्दी खोला जाएगा, ताकि दर्शन में कोई अवरोध न हो।
ट्रस्ट द्वारा पूर्व से लागू नए सिस्टम से श्रद्धालु अब काफी अभ्यस्त हो चुके हैं।
आवश्यक स्वास्थ्य सेवा के इंतजाम क्या?
मंदिर ट्रस्ट की ओर से तीन डॉक्टर नियमित रूप से तैनात रहेंगे।
एक अतिरिक्त डॉक्टर जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा।
सभी प्रमुख घाटों पर ऑक्सीजन सिलेंडर और प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम
घाटों पर सुरक्षा नावें तैनात की जाएंगी।
नगर परिषद को अनाउंसमेंट सिस्टम लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
कोटवार, पटवारी, आरआई आदि की घाटों पर ड्यूटी सुनिश्चित की जाएगी।
बाबा की नौका विहार में डीजल इंजन वाली नावों पर रोक रहेगी, केवल 15–20 नए इंजन वाली नावों को अनुमति दी जाएगी।
जाम से बचने यातायात प्रबंधन
ऑटो रिक्शा को नगर की सीमा में प्रवेश नहीं मिलेगा।
ऑटो स्टैंड: दंडी आश्रम, पुराने बस स्टैंड और बालवाड़ी तक सीमित रहेंगे।
भीड़ कम करने के लिए चार सवारी बालवाड़ी से शुरू करने का प्रस्ताव।
विभागों को निर्देश
गणेश नगर से ओंकारेश्वर मार्ग को श्रावण से पहले पूर्ण करने के निर्देश पीडब्ल्यूडी को दिए गए हैं।
पुलिस, स्वास्थ्य, नगर परिषद और राजस्व विभाग के सभी कर्मचारियों व अधिकारियों की ड्यूटी सूचीबद्ध करने के निर्देश भी दिए गए हैं।