खंडवा कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करते कर्मचारी
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मध्य प्रदेश के खंडवा जिला कलेक्टर कार्यालय में गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। दरअसल यहां जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आउटसोर्स सफाई कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड्स के साथ निगम के नेता प्रतिपक्ष अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंचे थे। करीब डेढ़ घंटा इंतजार के बाद खंडवा कलेक्टर ऑफिस पहुंचे थे। उन्होंने इन लोगों में से केवल चार लोगों को उनसे मिलने की परमिशन दी।
वहीं नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौड़ का आरोप है कि कर्मचारियों की बोनस की मांग सुनना तो दूर, केबिन में बुलाकर खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने उन्हें अपशब्द और बेवकूफ कहते हुए उनका एवं कर्मचारियों का अपमान किया है। यही नहीं, उनसे ज्ञापन लेने तक से भी इंकार कर दिया गया। जिसके विरोध में वे लोग कलेक्टर कक्ष से बाहर निकलकर वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी और सिक्योरिटी गार्ड भी उनके साथ धरने पर बैठे थे। जहां मौजूद आउटसोर्स कर्मचारीयों ने भी जिला कलेक्टर के ऐसे बर्ताव को गैर जिम्मेदाराना बताते हुए इस पर कड़ा आक्रोश जताया।
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इधर विरोध कर रहे कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें हर साल मिलने वाला एरियर और बोनस का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। और ऐसे करीब 300 कर्मचारी हैं जो जिला अस्पताल में आउटसोर्स पर निजी कंपनी के अंतर्गत सफाई कर्मचारी और सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर अपनी सेवा दे रहे हैं। जब कंपनी के सुपरवाइजर से उन लोगों ने बोनस की मांग की थी, तब उन्हें जिला प्रशासन के अधिकारियों के सामने लिखित में 22 तारीख तक का समय इस हेतु दिया गया था, लेकिन आज 23 तारीख तक भी उनके खाते में यह पैसा जमा नहीं हुआ है। इसी के लिए वे सभी जिला कलेक्टर से मिलने पहुंचे थे, लेकिन यहां कलेक्टर ने उनकी सुनवाई नहीं की और अब तो दिवाली का त्योहार भी निकल गया है। ऐसे में अब धरना देते हुए अस्पताल में काम बंद करने के अलावा और वे क्या कर सकते हैं।