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Omkareshwar News: ओंकार पर्वत-सिद्धनाथ क्षेत्र में तेंदुओं का आतंक, गोशाला पर मंडरा रहा खतरा

Mon, 27 Oct 2025 08:56 PM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर

सार

ओंकारेश्वर के सिद्धनाथ क्षेत्र में तेंदुओं के समूह की बढ़ती गतिविधियों से दहशत फैल गई है। पांच तेंदुए गोशाला क्षेत्र में गोवंश का शिकार कर रहे हैं। ग्रामीणों और साधु-संतों ने रात में बाहर निकलना बंद कर दिया है। लोगों ने वन विभाग से तेंदुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांग की है। 

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ओंकार पर्वत इलाके में तेंदुए की हलचल बढ़ी है। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पवित्र तीर्थनगरी ओंकारेश्वर का सिद्धनाथ क्षेत्र इन दिनों वन्यजीवों की बढ़ती हलचल से दहशत में है। जानकारी के अनुसार परिक्रमा मार्ग के समीप स्थित गोशाला क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से तेंदुओं का एक समूह लगातार देखा जा रहा है। ग्रामीणों और साधु-संतों के अनुसार रात के समय लगभग पांच तेंदुओं का समूह गोवंश का शिकार करने के लिए गोशाला की ओर आता है।
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स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन तेंदुओं ने पहले क्षेत्र में मौजूद कुत्तों और सूअरों का शिकार कर उनकी संख्या लगभग समाप्त कर दी है। अब ये जंगली शिकारी नए शिकार की तलाश में परिक्रमा मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में निर्भय होकर घूमते नजर आ रहे हैं। रात्रि के समय लोगों ने इन तेंदुओं को घाट और जंगल की दिशा में खुलेआम विचरते हुए देखा है, जिससे भय का वातावरण बन गया है।

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सिद्धनाथ क्षेत्र में निवासरत साधु-संतों, गोसेवकों और परिक्रमार्थियों में दहशत व्याप्त है। कई लोगों ने सुरक्षा की दृष्टि से रात्रि में बाहर निकलना पूरी तरह बंद कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते वन विभाग ने कार्रवाई नहीं की तो किसी भी समय जनहानि की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। गोपालकृष्ण दुबे एवं स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि शीघ्र ही पिंजरे लगाकर इन तेंदुओं को पकड़कर सुरक्षित वनक्षेत्र में स्थानांतरित किया जाए।
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सिद्धनाथ क्षेत्र नर्मदा परिक्रमा मार्ग का प्रमुख पड़ाव है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु निवास करते हैं। ऐसे में तेंदुओं की बढ़ती सक्रियता न केवल सुरक्षा के लिए खतरा है बल्कि पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं की आस्था और शांति के लिए भी चुनौती बन चुकी है। देवउठनी एकादशी एवं कार्तिक पूर्णिमा को लाखों पंचकोसी यात्री ओंकार पर्वत की परिक्रमा भी लगाऐगे कभी कोई हादसा हो सकता है। 
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