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ओंकारेश्वर: कलेक्टर की मौजूदगी में सिंहस्थ बैठक से पत्रकारों को बाहर निकाला,मीडियाकर्मी बोले- बुलाया क्यों था?

Thu, 29 Oct 2026 02:07 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर

सार

ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों और विकास कार्यों को लेकर आयोजित बैठक में पत्रकारों को बुलाने के बाद बाहर कर दिया गया। कलेक्टर की मौजूदगी में हुई इस घटना से पत्रकारों में नाराजगी देखी गई।
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सिंहस्थ तैयारियों को लेकर बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सिंहस्थ 2028 की तैयारियों और प्रस्तावित विकास कार्यों को लेकर गुरुवार को नगर परिषद में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में पत्रकारों को बुलाने के बाद बैठक से बाहर कर दिया गया। 16 सदस्यीय समिति के बुलावे पर पहुंचे पत्रकारों को बैठक में बैठने की अनुमति नहीं दी गई। कलेक्टर की मौजूदगी में पत्रकारों को बाहर किए जाने से पत्रकारों में नाराजगी देखी गई और इसे पत्रकारिता के सम्मान के विरुद्ध बताया गया।

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बैठक में सांसद, विधायक, कलेक्टर सहित जनप्रतिनिधि, पार्षद, एल्डरमैन और 16 सदस्यीय समिति के सदस्य मौजूद थे। सिंहस्थ 2028 के प्रस्तावित विकास कार्यों, विस्तारीकरण तथा स्थानीय नागरिकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर बंद कमरे में चर्चा की गई।

जब बुलाया था तो बाहर क्यों किया?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि बैठक पूरी तरह आंतरिक थी और मीडिया को उसमें शामिल नहीं किया जाना था तो पत्रकारों को बुलाया ही क्यों गया? समिति के बुलावे पर पत्रकार बैठक में पहुंचे थे। ऐसे में बैठक शुरू होने के बाद उन्हें बाहर कर देना पत्रकारों के सम्मान और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े करता है।
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पत्रकारों का कहना है कि मीडिया किसी पक्ष की ओर से बैठक में नहीं पहुंचता, बल्कि जनहित के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाता है। सिंहस्थ 2028 जैसे बड़े आयोजन से जुड़े निर्णयों का प्रभाव सीधे स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, दुकानदारों और प्रभावित परिवारों पर पड़ सकता है। ऐसे में बैठक में उठने वाले सवालों और प्रशासन के जवाबों की जानकारी जनता तक पहुंचना जरूरी है।

प्रभावित परिवारों के मुद्दे, फिर भी मीडिया बाहर
ओंकारेश्वर और ममलेश्वर क्षेत्र में प्रस्तावित विकास एवं विस्तारीकरण को लेकर स्थानीय नागरिक लंबे समय से अपनी मांगें उठा रहे हैं। कई परिवारों के मकान, दुकान और आजीविका प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। नागरिक मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार तथा स्थानीय स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था जैसे मुद्दों पर समाधान की मांग कर रहे हैं। ऐसे संवेदनशील विषय पर जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और समिति के बीच क्या चर्चा हुई, यह जानना केवल पत्रकारों का नहीं बल्कि प्रभावित नागरिकों का भी अधिकार है।

पत्रकारों के सम्मान का भी सवाल
सिंहस्थ विकास की बैठक में पत्रकारों को बुलाकर बाहर किए जाने की घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मीडिया की भूमिका केवल खबर जारी होने के बाद सूचना लेने तक सीमित कर दी जाएगी?

पत्रकारों का विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पत्रकारिता के सम्मान और जनहित में पारदर्शिता के पक्ष में है। यदि बैठक में कोई संवेदनशील या गोपनीय विषय था तो इसकी जानकारी पहले ही स्पष्ट की जा सकती थी लेकिन पत्रकारों को बुलाकर बैठक से बाहर करना निश्चित रूप से असहज स्थिति पैदा करने वाला रहा।

अब देखना होगा कि बैठक समाप्त होने के बाद प्रशासन की ओर से क्या जानकारी दी जाती है और प्रभावित नागरिकों की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि भविष्य में सिंहस्थ जैसे बड़े जनहित के विषयों पर होने वाली बैठकों में पत्रकारों के साथ सम्मानजनक और पारदर्शी व्यवहार सुनिश्चित किया जाता है या नहीं।

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