ओंकारेश्वर बांध के आज सात गेट खुलने के बाद प्रशासन को चेतावनी दी गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि लगातार ऊपर हो रही बरसात का पानी इंदिरा सागर बांध से छोड़ा जा रहा है, उसके बाद नर्मदा नदी ओंकारेश्वर में बने बांध पूरी क्षमता से भरने के बाद 7 गेट खोले गए हैं। लगातार बारिश के बाद गेटों की संख्या और भी बढ़ाई जा सकती है। इसलिए नर्मदा नदी के निचले हिस्से में किसी भी व्यक्ति को किनारे पर नहीं जाने की अपील की गई है। इधर, प्रशासन ने भी धार, धामनोद, महेश्वर, मंडलेश्वर, बड़वानी सनावद, बड़वा, ओंकारेश्वर, मोरटक्का, खेड़ीघाट, खेड़ी घाट में एसडीआरएफ और एनडीआरफ को तैनात कर दिया है।
बता दें कि 2024 में ओंकारेश्वर बांध के गेट दूसरी बार खोले गए हैं। इसके पहले अगस्त के पहले पखवाड़े में 18 गेट खोले गए थे। लगातार मध्य प्रदेश में भयानक बरसात के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर ओंकारेश्वर बांध में बढ़ने लगा था, जिसे बांध प्रबंधन द्वारा ओंकारेश्वर बांध से 8 टरबाइनों को संचालन कर 520 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहा था, लेकिन टरबाइन से बांध का जलस्तर कंट्रोल नहीं होने के बाद आज बांध के गेट खोलने पड़े।
उल्लेखनीय है कि नर्मदा नदी में होशंगाबाद जबलपुर, अमरकंठ, इटारसी की ओर से पानी की आवक अधिक होने के कारण ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर अधिकतम 196 मीटर है। बांध का जलस्तर195.52 तक पहुंचने के बाद बांध के (7) गेट खोलकर बांध प्रबंधन नर्मदा नदी में आई बाढ़ को कंट्रोल कर रहा है। इधर, ओंकारेश्वर बांध से पानी छोड़ने के बाद ओंकारेश्वर नगर के सभी घाटों से लोगों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है। लगातार खंडवा कलेक्टर अनूपकुमार सिंह व एसपी मनोज राय नर्मदा नदी की बाढ़ पर नजर बनाए हुए हैं।