जनसभा को संबोधित करते असम के सीएम
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मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान लगातार कांग्रेस और बीजेपी के नेता एक दूसरे पर हमलावर हो रहे हैं। इसी बीच राम मंदिर और बाबर का मुद्दा अब चुनाव में फिर से गरमाता दिख रहा है। बुधवार को बीजेपी के पक्ष में चुनावी जनसम्पर्क करने खंडवा जिले में पहुंचे असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिसवा सरमा ने जिले की मान्धाता और पंधाना सहित खंडवा विधानसभा में कहीं रोड़ शो किये तो कहीं जनसभाओं को सम्बोधित किया। इसी बीच पंधाना विधानसभा में अपनी सभा के दौरान उन्होंने अपनी पार्टी के पक्ष में मतों का ध्रुवीकरण करते हुए कांग्रेस, राहुल और कमलनाथ के साथ ही राम मंदिर और इस्त्रायल से लेकर हमास तक को अपने बयान में लपेटे में ले लिया। पहले तो उन्होंने कांग्रेस और राहुल पर हमला बोलते हुए उन्हें बाबर (मुसलमानों ) के डर से रामलला के मंदिर नहीं जाने वाला बताया, तो वहीं इसी बीच हमास और इस्त्रायल के बहाने देश की साम्प्रदायक ताकतों पर भी निशाना साधा।
असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिसवा सरमा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी कभी रामलला के मंदिर नहीं गए और वे सिर्फ चुनाव के समय ही मंदिर जाते हैं। वह छुप छुप कर मंदिर जाते हैं, और वे वही मंदिर जाते हैं जहां बाबर के लोगों को उनसे शिकायत ना हो। उन्होंने इशारों से कहा कि अयोध्या में बन रहे राम मंदिर जाने से तो बाबर के लोग गरम (नाराज) हो जाएंगे। इसलिए डर के मारे वे राम मंदिर में नहीं जाते। इसलिए मैं कमलनाथ से बोलना चाहता हूं कि राम मंदिर बीजेपी का है की नहीं यह अलग बात है। लेकिन राम मंदिर कांग्रेस का नहीं है यह बात मैं गारंटी से कह सकता हूं। हेमंत बिसवा यही नहीं रुके उन्होंने कहा कि जब वे छत्तीसगढ़ में थे तब कांग्रेस ने उनकी कंप्लेंट करी कि अकबर के खिलाफ क्यों बोला, तो मैंने कहा कि इस देश में पैदा होकर में बाबर, अकबर, औरंगजेब के खिलाफ नहीं बोलूंगा तो किसके खिलाफ बोलूंगा। इसलिए मैंने चुनाव आयोग को लिखकर दे दिया कि जब तक मेरी जिंदगी है तब तक मैं बाबर, अकबर और औरंगजेब के खिलाफ बोलता रहूंगा। इस देश में सनातन हिंदू को गिराने की पहली कोशिश बाबर ने की थी, औरंगजेब ने की थी। इसके कारण ही आज भी हमें लड़ना पड़ता है की कब ज्ञानवापी मस्जिद की जगह ज्ञानवापी मंदिर बनेगा।
पंधाना में ही अपनी सभा के बीच हेमंत बिसवा ने मंच से कहा कि हमास ने इजराइल में बच्चों को गोली मारी और लोगों को किडनैप कर लिया। जिस पर भारत के प्रधानमंत्री ने निंदा की। लेकिन राहुल गांधी ने क्या बोला। कोई भी एक शब्द हमास के खिलाफ नहीं बोला। हेमंत बिसवा ने कहा कि राहुल गांधी ने इसलिए हमास का विरोध नहीं किया, क्योंकि उन्हें भारत के हमास का डर है। हेमंत बिसवा ने पीएफआई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने रातों-रात पीएफआई पर कार्रवाई कर दी और उन्हें जेल में डाल दिया। आज भारत में कोई बम धमाका नहीं होता है, और कहीं पर गलती से बम धमाका कर लिया तो यह हमास जानते हैं कि इसराइल में किया तो उसने इनके 1 के दो मारे हैं लेकिन यहाँ तो मोदी चार मारेगा। प्रधानमंत्री मोदी पाकिस्तान में जाकर जो ट्रीटमेंट देना है वह दे देंगे। बिसवा ने कहा कि भारत के हमास वालों को मालूम है कि प्रधानमंत्री देश के लिए कुछ भी कर सकते हैं।