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Khandwa: 2009 में खंडवा के तिहरे हत्याकांड से लेकर मशाल जुलूस में हुए हादसे तक का यह है पूरा सच, जानें यहां

Fri, 29 Nov 2024 10:50 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

सार

खंडवा में आतंकवाद के खिलाफ आयोजित मशाल जुलूस के दौरान दुर्घटना हुई, जिसमें 34 लोग घायल हो गए। जांच में आयोजकों द्वारा परमिशन की शर्तों का उल्लंघन पाया गया, जिसके चलते 18 लोगों पर मामला दर्ज किया गया। घटना में एक गंभीर घायल को इंदौर रेफर किया गया।
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खंडवा में मशाल जुलूस में भड़क गई थी आग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के खंडवा नगर स्थित बड़ा बम चौक पर गुरुवार देर शाम आतंकवाद के खिलाफ एक युवा जनमत संग्रह का कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में हैदराबाद के फायर ब्रांड विधायक टी राजा और सुप्रीम कोर्ट की वकील नाजिया इलाही खान को बुलाया गया था। शहर के राष्ट्रभक्त वीर युवा मंच के इस स्टेज प्रोग्राम के आयोजन के बाद आतंकवाद के खिलाफ एक क्रांति मशाल मार्च का आयोजन भी रखा गया था, जिसमें सात सौ के करीब महिला, पुरुष एवं बच्चे शामिल हुए। बड़ा बम क्षेत्र से निकाले गए इस जुलूस का समापन घंटाघर चौक पर किया जाना था, जहां पुरुषों के साथ ही महिलाएं भी बड़ी संख्या में हाथों में मशाल लिए इस जुलूस में शामिल होने पहुंची थीं। बताया जा रहा है कि इस दौरान आयोजकों के द्वारा करीब 1000 मशालों का इंतजाम किया गया था, हालांकि मशाल जलाने में हो रही देरी के चलते करीब 200 मशालें ही जलाकर जुलूस निकाला गया, जिसमें पुरुषों के साथ ही महिलाएं भी मशाल लेकर आतंकवाद के खिलाफ नारे लगाते हुए शामिल हुईं थीं।
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इस तरह हुआ हादसा
इस मशाल जुलूस का समापन घंटाघर चौक पर किया जाना था, जहां आयोजकों के द्वारा मशाल बुझाने के लिए डस्टबिन की तरह के छोटे बर्तन रखे गए थे। हालांकि जुलूस में शामिल लोगों के अनुसार जुलूस के दौरान और समापन स्थल पर किसी तरह के सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए थे, और जब इन मशालों को बुझाने के लिए बर्तन में डाला जा रहा था, तब उसमें आधी मात्रा में पानी भरा हुआ था। जिस पर कुछ मशालों से निकलकर बुरादा और ज्वलनशील तेल की तरह का पदार्थ गिरकर जम गया था। इस बीच जब कुछ और मशालें उसी बर्तन नुमा डस्टबिन में बुझाई गईं, तो किसी तरह का वैक्यूम बनने के चलते, अचानक तेल युक्त पदार्थ भभक उठा। जिससे इस तरह की गंभीर घटना होना बताया जा रहा है। वहीं इसके कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें एक आग का गोला रूपी विस्फोट होते देखा जा सकता है। इस आग भभकने से वहां मौजूद हाथों में मशाल लिए लोग अपनी मशालों को फेंक कर इधर-उधर भागने लगे, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई, और भगदड़ और अफरा तफरी के बीच जलती हुई मशालें एक दूसरे के ऊपर गिर गईं, जिससे भी कई लोग और घायल हुए। तो वहीं अचानक भभकी इस आग से वहां बड़ी संख्या में घेरा बनाकर खड़े महिला एवं बच्चों सहित पुरुषों के हाथ और चेहरे पर जलने के गंभीर निशान हो गए।

इधर घटना की भयावहता के बाद तुरंत वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाला, और घायलों की मदद करते हुए उन्हें 108 एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया एवं बाकी बची मशालों को इकट्ठा कर एक तरफ किया गया। इसके साथ ही अस्पताल में भी मौजूद स्टाफ ने तुरंत आपात स्थिति समझते हुए बड़ी तादाद में पहुंच रहे घायलों का इलाज शुरू किया। लगभग रात 11:00 बजे से शुरू हुआ घायलों के पहुंचने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। इस दौरान करीब 34 आग से झूलसे हुए घायल अस्पताल पहुंचे, जिनमें से करीब 18 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद रवाना कर दिया गया, तो वहीं 16 गंभीर घायलों को जिला अस्पताल में बेहतर उपचार के लिए भर्ती किया गया। इस बीच जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे, और उनके बेहतर इलाज की व्यवस्था की। हालांकि गनीमत रही कि घटना में कोई जनहानि फिलहाल नहीं हुई है, तो वहीं हादसे के बाद मची भगदड़ में घायल और बदहवास हुए कई लोग बगैर इलाज कराए ही घर की ओर लौट गए, अन्यथा घायलों का आंकड़ा करीब 50 से अधिक पहुंचता।
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जांच के बाद हुआ 18 लोगों पर मामला दर्ज
घटना के बाद खंडवा एसपी मनोज कुमार राय ने बताया कि जुलूस के समापन के बाद जब मशालें बुझाई जा रही थीं, तब उनका बुरादा और तेल अचानक भभक उठा, जिससे इस तरह की घटना होना प्रारंभिक रूप से सामने आया है। हालांकि इसकी अभी जांच जारी रही है। इधर मशाल जुलूस के आयोजन को एसडीएम कार्यालय से मिली परमिशन में दी गई शर्तों की भी जांच की जा रही है जिसमें परमिशन की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई थी। इसी बीच शुक्रवार देर शाम जांच रिपोर्ट आने के बाद खंडवा सीएसपी अभिनव बारंगे ने बताया कि जांच में मशाल जुलूस के आयोजकों द्वारा परमिशन में दी गई शर्तों का उल्लंघन पाया गया है, जिसके चलते इस जुलूस के करीब 18 आयोजकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच में लिया गया है, और जांच के दौरान आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।

एक गंभीर घायल हुआ इंदौर रेफर
घायलों का हाल जानने शुक्रवार देर शाम अस्पताल पहुंचे जिला कलेक्टर अनूप कुमार सिंह ने बताया कि एक मरीज के गंभीर घायल होने के चलते उसे इंदौर रेफर किया गया है, तो वहीं बाकी सभी फिलहाल सामान्य स्थिति में हैं। जिन्हें ठीक होने में 2 से 3 दिन का समय लग सकता है। हालांकि यह सभी घायल अभी खतरे से बाहर हैं, और सभी का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।

यह था तिहरा हत्याकांड जिस पर निकला था मशाल जुलूस
बता दें कि साल 2009 में नवंबर की 28 तारीख को कुख्यात सिमी आतंकी अबू फैजल के द्वारा खंडवा के एटीएस जवान सीताराम यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दौरान वहां मौजूद वकील संजय पाल और बैंक प्रबंधक रवि शंकर पारे ने आतंकी को पकड़ने की कोशिश की, जिस पर उनकी भी हत्या कर दी गई। इस तिहरे हत्याकांड के बाद से ही हर साल राष्ट्रभक्त वीर युवा मंच खंडवा के द्वारा शहर के बड़ा बम क्षेत्र में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाता है। जिसमें धार्मिक कट्टरवादी छवि वाले वक्ताओं को बुलाकर आतंकवाद के खिलाफ युवाओं को एकजुट किया जाता है। इसके बाद घंटाघर चौक तक एक मशाल जुलूस भी निकाला जाता है, लेकिन इस वर्ष निकाले जा रहे इस मशाल जुलूस के समापन के दौरान यह भयानक हादसा सामने आया है, जिसके बाद से जिला प्रशासन के द्वारा आइंदा सालों में इस तरह के जुलूस की परमिशन भी रद्द किए जाने की चर्चाएं जारी हैं। 
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