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मध्य प्रदेश में कांपी धरती: खरगोन-खंडवा समेत कई जगह 3.8 तीव्रता के भूकंप के झटके, डरे-सहमे लोग घरों से बाहर आए

Wed, 04 Jun 2025 11:09 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला,खंडवा

सार

खंडवा और खरगोन में बुधवार रात भूकंप आया। इसकी तीव्रता 3.8 रिक्टर स्केल थी। हल्के झटके कई इलाकों में महसूस किए गए, जिससे लोग थोड़े घबरा गए। मौसम विशेषज्ञ सौरभ गुप्ता ने बताया कि भूकंप का केंद्र मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा के पास था।
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(प्रतीकात्मक फोटो) - फोटो : Meta AI
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विस्तार
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मध्य प्रदेश में बुधवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। रात करीब 10 बजे खरगोन जिले के बड़वाह, खंडवा जिले के नर्मदानगर और बुरहानपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। कुछ सेकंड के इन झटकों से रहवासी दहशत में आ गए और घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

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स्थानीय निवासी प्रवीण शर्मा ने बताया कि झटके बड़वाह की पीपल गली, गोंदी पट्टी, सौभाग्य केसरी कॉलोनी, बस स्टैंड क्षेत्र, नर्मदा रोड व कंवर कॉलोनी में साफ तौर पर महसूस किए गए। ऐसे ही खंडवा जिले के नर्मदा नगर, रिछफल और बुरहानपुर जिले के कुछ हिस्सों में भी भूकंप की सूचना मिली है। हालांकि, प्रशासन ने इसे मामूली झटका बताया है।

भूकंप का केंद्र अमरावती के पास
जिले के मौसम विशेषज्ञ सौरभ गुप्ता के मुताबिक, भूकंप का केंद्र महाराष्ट्र के अमरावती जिले में था, जो खंडवा से लगभग 66 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। भूकंप का प्रभाव खंडवा के पंधाना ब्लॉक के गांवों कोहदड, बोरगांव, रुस्तमपुर और पड़ोसी जिले बुरहानपुर के नेपानगर क्षेत्र में भी महसूस किया गया।
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भूवैज्ञानिकों की राय
भूकंप विज्ञान केंद्र  की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश में यह झटका रिक्टर स्केल पर लगभग 3.5 तीव्रता काे आसपास का था। विशेषज्ञों का कहना है कि यह झटका टेक्टॉनिक प्लेटों में मामूली हलचल का परिणाम हो सकता है और इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह से बचें और आवश्यकता पड़ने पर खुले स्थानों में शरण लें। साथ ही भूकंप से संबंधित सावधानियों की जानकारी अपने पास रखें।

अधिक बारिश और एयर मूवमेंट बना झटकों की वजह
मौसम विशेषज्ञ गुप्ता ने बताया कि हाल के दिनों में महाराष्ट्र क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा हुई है। इसके कारण जमीन में पानी के जमा होने और भीतर की परतों में बने एयर मूवमेंट ने इस भूकंप जैसी स्थिति को जन्म दिया। उन्होंने इसे "मध्यम गति का भू-गति झटका" बताया।

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मानसूनी तंत्र की सक्रियता भी बनी कारण
गुप्ता के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के बीच मानसूनी तंत्र की बढ़ती सक्रियता और भूमि के तापमान में परिवर्तन भी ऐसी परिस्थितियों को जन्म देते हैं। भविष्य में भी हल्के झटके महसूस होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

जनता के लिए जरूरी सलाह

  • विशेषज्ञ सौरभ गुप्ता ने आम जनता को सतर्क रहने और निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
  • घर में टांड़ (ऊपर की शेल्फ) पर भारी सामान न रखें, उन्हें नीचे जमीन पर रखें।
  • गमलों को दीवार पर न सजाएं।
  • आपातकालीन नंबर जैसे फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और पुलिस को मोबाइल में सेव रखें।
  • गैस सिलेंडर और बिजली के मेन स्विच का उपयोग न होने पर बंद रखें।
  • झटका महसूस होते ही तुरंत खुले स्थान पर जाएं और इमारतों से दूरी बनाए रखें।

एक साल पहले भी आया था भूकंप

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खंडवा में पिछले साल भी भूकंप आया था। 21 जून 2024 को सुबह 9.04 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.6 मापी गई थी। भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर था। इस घटना के एक साल बाद फिर से धरती कांपी है।

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