इधर, आध्यात्मिक यात्रा बनी आखिरी यात्रा
दूसरी घटना ओंकारेश्वर बांध के समीप ब्रह्मपुरी घाट पर हुई। जहां जयपुर के रहने वाले अनिल मीणा (25) स्नान करते समय गहरे पानी में चले गए। इस दौरान वह डूबने लगे, लेकिन स्थानीय नाविकों ने उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, अनिल जयपुर की एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत थे और छुट्टियों में ओंकारेश्वर आए थे। उनकी आध्यात्मिक यात्रा आखिरी यात्रा बन गई।
हर साल आते हैं लाखों श्रद्धालु
ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी के घाटों पर हो रही घटनाओं को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर देश का एक प्रमुख ज्योतिर्लिंग तीर्थ है, जहां सालभर लाखों श्रद्धालु नर्मदा स्नान के लिए आते हैं। इसके बाद भी घाटों पर न तो लाइफगार्ड हैं, न चेतावनी संकेत और न ही बैरिकेडिंग या निगरानी दल की तैनाती की गई है।
सुरक्षा को लेकर क्या बोले श्रद्धालु
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली श्रद्धालु कविता मिश्रा कहती हैं- हम पुण्य की भावना से यहां आते हैं। लेकिन, बार-बार श्रद्धालुओं के डूबने की खबरें सुनकर मन व्यथित हो जाता है। प्रशासन को इसे लेकर सख्त कदम उठाने चाहिए। वहीं, ओडिशा के भुवनेश्वर में रहने वाालीं श्रद्धालु वैजयंती नायडू ने कहा कि घाटों पर सुरक्षा नहीं होना हमारे लिए डरावनी बात है। हमारी यात्रा आध्यात्मिक होनी चाहिए, भय से ग्रसित नहीं।