बजट के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
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देश की संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश किया गया। इस बजट में सबसे खास बात यह रही कि टैक्स स्लैब को 7 लाख से बढ़ाकर 12 लाख कर दिया गया है। सरकार का यह कदम मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बेहद खास माना जा रहा है। वहीं, इस बजट में किसानों, व्यापारियों और एमएसएमई के लिए भी कई प्रावधान किए गए हैं। केसीसी की लिमिट बढ़ाने के साथ ही कॉटन मिशन और तिलहन को लेकर भी अहम घोषणाएं की गई हैं, जिससे किसान काफी खुश हैं। इस पूरे बजट को लेकर खंडवा के व्यापारी, किसान और आम लोग क्या सोचते हैं, जानिए।
ऐतिहासिक साबित होगा यह बजट
इस बजट को लेकर अमर उजाला से खास बातचीत में शहर के गैस एजेंसी व्यापारी मंगलेश तोमर ने कहा कि उनका मानना है कि यह पूरी तरह से होमवर्क करके पेश किया गया बजट है। यह देश के कल्याण के लिए एक सार्थक पहल है। उन्होंने कहा, "देश के सभी आयामों- व्यापार, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसा बजट दिया है, जिसकी थीम आने वाली पीढ़ी के सुधार पर केंद्रित है। यह देश के आर्थिक विकास के लिए एक बड़ी सार्थक पहल है। मैं इसके लिए देश की वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने भारत के आर्थिक हितों को ध्यान में रखकर और भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह बजट ऐतिहासिक साबित होगा।"
मध्यम वर्ग की हुई बल्ले-बल्ले
यह बजट ऐतिहासिक बजट है क्योंकि इसमें टैक्स की सीमा 12 लाख तक बढ़ा दी गई है। इससे बहुत बड़ा वर्ग लाभान्वित होगा और मध्यम वर्ग के लिए यह फायदेमंद साबित होगा। इस बजट में 36 जीवन रक्षक दवाओं पर टैक्स कम किया गया है, जिससे वे अब लोगों को सस्ती दरों पर उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स पर भी टैक्स कम किया गया है, जिससे ये भी सस्ती दरों पर मिलेंगे।
व्यापारी वर्ग से जुड़े कमल नागपाल ने कहा कि इस बजट में सभी वर्गों का विशेष ध्यान रखा गया है। महिलाओं को नए उद्योग लगाने में छूट दी गई है और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के लिए हर जिले में कैंसर केयर सेंटर खोलने की घोषणा की गई है। इससे आम लोगों को दूर-दराज तक इलाज के लिए जाने से राहत मिलेगी।