रविवार सुबह 4 बजे इंदिरा सागर डैम के 12 गेट खोले गए
मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में सावन का करीब 15 दिन का सूखा बीत जाने के बाद अब मानसून वापस लौटा है। यहां नर्मदा नदी के ऊपरी कक्षार में हो रही अत्याधिक वर्षा के बाद नर्मदा का जल स्तर तेजी से बढ़ा है, तो वहीं बरगी और तवा बांध के गेट खुलने से खंडवा जिले के पुनासा ब्लॉक स्थित इंदिरा सागर सहित ओंकारेश्वर बांध के गेट रविवार सुबह से खोले जाने का निर्णय लिया गया है। इसको लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी सभी प्रमुख तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसके बाद रविवार अल सुबह 4 बजे एशिया की सबसे बड़ी परियोजना इंदिरा सागर बांध के 12 रेडीयल गेट खोले गए। इनमें 10 मुख्य स्पिल्वें गेटों की ओपनिंग 0.50 मीटर तक की गई। इसके साथ ही दो मुख्य स्पिल्वें गेटों की ओपनिंग 1.0 मीटर तक की गई। वहीं इसके जरिये अब इंदिरा सागर डैम से 1620 क्यूमेक्स जल का डिस्चार्ज किया जा रहा है।
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यही नहीं, यहां के विद्युतगृह में भी विद्युत उत्पादन लगातार जारी है। इसमें टरबाइन के माध्यम से भी डेम से 1840 क्यूमेक्स जल का डिस्चार्ज लगातार जारी है। इस तरह रविवार सुबह से इंदिरा सागर डैम से कुल 3460 क्यूमेक्स जल का डिस्चार्ज लगातार जारी है। बता दें कि, शनिवार तक जहां इंदिरा सागर बांध के कुल जलभराव क्षमता 262.13 मीटर वाले जलाशय का जलस्तर 258.41 मीटर था। तो वहीं ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर उस दौरान 194.72 मीटर था। हालांकि बीते 24 घँटों से बारिश का दौर लगातार जारी है। इसके चलते जलस्तर में हुई व्रद्धि की स्थिति को देखते हुए बांधों के गेट खोले जाने का निर्णय शनिवार को ही ले लिया गया था। उसके साथ ही नर्मदा के किनारे और निचले क्षेत्रों में अलर्ट भी जारी कर दिया गया था। वहीं अब ओंकारेश्वर डैम के भी गेट खोले जाना है। इधर पहले ही नर्मदा नदी में उफान और सभी प्रमुख घाटों के जलमग्न होने की स्थिति बनी हुई है। तो वहीं दोनों बांधों के पावर हाउस से सभी टरबाइन चलाकर जल निकासी केते हुए लगातार बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।