मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक व्यक्ति की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी गई, क्योंकि उसने खाना बनाकर नहीं दिया था। इतना ही नहीं नशे में धुत हत्यारों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए पहले तो उसे बाइक पर बैठाकर तीन किलोमीटर घूमते रहे, फिर नाले के पास फेंककर फरार हो गए। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार मामला खंडवा जिले के सिमरन ग्रुप कंपनी का है। एसडीओपी रवींद्र वास्कले ने बताया कि नरसिंहपुर का रहने वाला दीपक उर्फ अर्जुन पिता खड़क सिंह सिमरन ग्रुप में खाना बनाने का काम करता था। उसका शव झागरिया गांव के पास नाले के पास से बरामद किया गया था। शव की जांच करने पर पता चला कि उसकी गला घोंटकर हत्या की गई है, पीएम रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हो गई। पड़ताल में पता चला कि दीपक सिमरन ग्रुप में काम करता है। पुलिस ने कर्मचारियों से पूछताछ
पूछताछ में पता चला कि 21 नबंवर की शाम दीपक की ड्यूटी धनवानी पॉइंट पर लगाई थी। इसी पॉइंट पर जूनापानी निवासी आत्माराम पिता बंशीलाल व विश्राम पिता कोमल बोट चलाने और बर्फ लाने की ड्यूटी करते हैं। ये भी पता चला कि दोनों ने नशे में दीपक से विवाद भी किया था। पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की उन्होंने हत्या करना कबूल कर लिया। दोनों ने पुलिस को बताया कि वे नशे में थे और दीपक ने खाना नहीं बनाया था, इसी बात पर उससे विवाद हुआ था। जिस पर उन्होंने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी।
मामले में छानबीन कर रहे एएसआई कैलाश गुर्जर ने बताया कि आरोपी विश्राम और आत्माराम दोनों ने दीपक के शव को बाइक की सीट पर इस तरह बीच में रखा जैसे वह बैठा हो। उसके बाद उसे कंबल औढ़ा दिया। दोनों लाश को धनवानी पॉइंट से तीन किलोमीटर दूर झागरिया के बेकवाटर में ले गए। वहां दीपक के शव को पानी में फेंक दिया। आरोपी घटना के बाद दो दिन तक काम पर नहीं लौटे। इधर, दीपक ने भी घर जाने के लिए छुट्टी मांग रखी थी। सभी को अंदेशा था कि दीपक अपने गांव गया हुआ है।