कोरोना के कारण निधन (फाइल फोटो)
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मध्यप्रदेश में कोरोना का कहर काफी तेजी से फैल रहा है। राज्य के खंडवा से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो इंसानियत पर बड़े सवाल खड़े करता है। खंडवा मेें एक कोविड सेंटर में खालवा निवासी सुनील नीलकंड अपना इलाज करा रहे थे लेकिन बाद में उन्हें मोर्चुरी में भेज दिया।
मामला इस तरह है कि सुनील के घरवालों को यह पता लगाने में तीन दिन लग गए कि सुनील मुर्दा है या जिदा। बता दें कि तीन दिन पहले सुनील की मौत की खबर सोशल मीडिया पर चल रही थी। सुनील का बेटा पंकज और उसका दोस्त अस्पताल के चक्कर लगाता रहा लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी।
बीते बुधवार को जब पंकज अस्पताल पहुंचे और उन्होंने यहां के कर्मचारी से बात की और उसका वीडियो भी बनाया। इस वीडियो में कर्मचारी कह रहा है कि चलो आपको आपके पिता का शव दे देते हैं और एंबुलेंस भी उपलब्ध करा देते हैं लेकिन इसके लिए एक शर्त माननी पड़ेगी कि किसी भी मीडिया वाले को इस बारे में खबर नहीं देनी है नहीं तो मामला बिगड़ सकता है।
इतना कहने के बाद कर्मचारी पंकज को मोर्चुरी ले गया और उसके पिता के शव को एंबुलेंस में बिठाकर शमशान घाट के लिए रवाना किया। जब ये मामला सामने आया तो इस पर सफाी देते हुए अस्पताल के डीन डॉक्टर अनंत पवार का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही है, जो भी इसमें दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।