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Khandwa: ओंकारेश्वर में नर्मदा पर बने झूला पुल का तार टूटा,आवागमन बंद, लापरवाही से हो सकता था मोरबी जैसा हादसा

Wed, 15 Feb 2023 10:20 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा

सार

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में नर्मदा नदी पर बने झूला पुल का एक तार टूट गया है। जिला प्रशासन ने फिलहाल झूला पुल से आवागमन रोक दिया है। एक्सपर्ट को बुलाकर इसे रिपेयर करने की बात की जा रही है। प्रशासन की लापरवाही भारी पड़ सकती थी, दो दिन बाद शिवरात्रि है, अगर उस दिन तार टूटते तो मोरबी जैसा हादसा हो सकता था। 
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ओंकारेश्वर के झूला पुल का एक तार टूट गया, जिससे आवागमन रोक दिया गया है। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्यप्रदेश के खंडवा में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में नर्मदा नदी पर बने झूला पुल का एक तार टूट गया है। घटना बीती रात की बताई जा रही है। बुधवार सुबह लोगों ने इस बात की जानकारी प्रशासन को दी। जिला प्रशासन ने फिलहाल झूला पुल से आवागमन रोक दिया है। एक्सपर्ट को बुला कर इसे रिपेयर करने की बात की जा रही है। 
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बता दें कि आगामी दिनों में शिवरात्रि का पर्व है, ऐसे में ओंकारेश्वर में भीड़ अधिक होती है। जल्दी ही इसे सुधारा नहीं गया तो मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। जानकारी के अनुसार ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थल पर नर्मदा नदी के ऊपर झूला पुल बना हुआ है। उसका एक तार टूट गया। यह तार झूला पुल को किनारे पर बांध कर रखे जाने वाले अनेक तारों में से एक था। तार पुल को लटकाने वाले ऊपर के बीम को बांधे रखने का काम करता है।  जो झूला पुल के दाएं तरफ किनारे वाले छोर पर कसा हुआ था। उसी कसे जाने वाले स्थान से यह तार उखड़ गया। हालांकि सुबह तक तो इस पर आवागमन जारी था फिर भी पुलिस ने एहतियात के तौर पर इस पर से आवागमन फिलहाल बंद कर दिया है। 
 

यह तार झूला पुल को किनारे पर बांध कर रखे जाने वाले तारों में से एक था। - फोटो : सोशल मीडिया
ओंकारेश्वर से रंजित वर्मा ने बताया कि झूला पुल की तीन तानें टूटने सें बुधवार को पुल पर तीर्थयात्रियों एवं पर्यटकों का पुल से आना जाना बंद कर दिया गया है। सुबह तेज आवाज के साथ तार टूटने से चारों ओर खलबली  मच गई। घटनाक्रम से कोई जनहानि नहीं हुई है। 2 दिन बाद महाशिवरात्रि पर्व को लेकर पवित्र नगरी में बड़ा जनसमूह इकट्ठा होना था। अगर महाशिवरात्रि पर्व पर इस प्रकार का घटनाक्रम होता तो बड़ी जनहानि होकर मोरबी पुल हादसे वाली घटना हो सकती थी। प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई है। बड़े पर्व के पहले झूला पुल की जांच की जाना चाहिए थी जो स्थानीय प्रशासन एवं बड़े स्तर पर नहीं की गई। अगर महाशिवरात्रि पर्व पर इस प्रकार का हादसा होता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।  
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पुल की तीन तानें टूटने की बात कही जा रही है। - फोटो : सोशल मीडिया

2004 में बना था
यह पुल ओंकारेश्वर बांध बनाने वाली एजेंसी एनएचडीसी द्वारा 2004 में तैयार किया गया था, और उन्हीं के द्वारा इसका मेंटेनेंस भी किया जाता है। सूचना मिलने पर एनएचडीसी कंपनी के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पुल का मेंटेनेंस करने वाली कंपनी के इंदौर कार्यालय को सूचना दी है। मेंटेनेंस करने वाले कर्मचारी पहुंचकर इसकी हकीकत जांचेंगे। इलाके के एसडीएम ने बताया कि यह तार पुल को किनारों से बांधकर रखे जाने वाले अनेक तारों में से एक था। यह कैसे टूटा इसकी जांच करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल स्थानीय पुलिस ने इस पर आवागमन बंद कर दिया है।
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