छतरपुर में ओबीसी महासभा ने रैली निकालकर निष्पक्ष जांच की मांग की।
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मध्य प्रदेश के खजुराहो में ब्रह्मेश्वर धाम के पुजारी लवलेश तिवारी पर एक महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। बाबा को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की और फिर छोड़ दिया था। अगले ही दिन पीड़ित महिला के पति समेत तीन के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज हो गया। इस पर अब सियासत गरमा गई है। पीड़ित महिला का पति ओबीसी महासभा की जिला इकाई का पदाधिकारी है। सोमवार को ओबीसी महासभा ने बड़ी रैली निकालकर विरोध जताया।
इस दौरान ओबीसी महासभा के पदाधिकारियों ने भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष और खजुराहो के सांसद वीडी शर्मा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। दरअसल, ओबीसी समाज के लोग इस बात से नाराज है कि लवलेश तिवारी बाबा के खिलाफ जो कार्रवाई होनी थी, वह नहीं हुई। इसी मुद्दे पर ओबीसी महासभा ने सोमवार को बड़ी रैली निकाली। भाजपा और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
ओबीसी नेताओं के बिगड़े बोल
रैली निकालने के बाद ओबीसी महासभा के महेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि ओबीसी समाज की बहन को न्याय दिलाने के लिए सबको सामने आना होगा। हमको सड़क पर उतरना होगा। अगर उच्च वर्ग वाले भी न्यायप्रिय हैं तो उन्हें भी सड़क पर आना होगा। ओबीसी महासभा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष ने पिछड़ा वर्ग की बहन के साथ दुष्कर्म के मामले में आवाज उठाई तो उनके ही खिलाफ झूठा केस दर्ज करा दिया। सात दिन में अगर फर्जी केस वापस नहीं हुआ तो पूरे मध्य प्रदेश में उग्र आंदोलन होगा। इस दौरान शर्मा की हत्या करने और सबक सिखाने तक की धमकियां ओबीसी नेताओं ने दी।
27 फरवरी को छतरपुर बंद
इस मामले में ओबीसी महासभा ने 27 फरवरी को छतरपुर बंद रखने की अपील की है। ओबीसी महासभा के प्रवक्ता डॉ. आनंद राय ने इस मामले को लेकर भाजपा-कांग्रेस दोनों ही दलों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में यह कैसी सरकार चल रही है? भाजपा-कांग्रेस के सवर्ण नेता खामोश हैं। मुख्यमंत्री जी, आप तो पिछड़ा वर्ग से हैं। कुर्मी समाज की युवती का चीरहरण हुआ। आप खामोश क्यों हैं? कांग्रेस इस पूरे आंदोलन में कही नहीं दिख रही। पीड़िता की लड़ाई ओबीसी महासभा लड़ रही है। 27 फरवरी को छतरपुर बंद का आह्वान किया है।
कमलनाथ ने भी उठाया मुद्दा
पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि छतरपुर में दर्ज दुष्कर्म के एक मामले में पीड़ित महिला का साथ दे रहे ओबीसी नेताओं पर गैंगरेप की एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में ओबीसी महासभा के लोग प्रदर्शन कर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि भाजपा के शीर्ष पदाधिकारियों के दबाव में यह झूठा प्रकरण दर्ज किया गया है। शिवराज सरकार में प्रदेश में ओबीसी वर्ग के साथ दमन व उत्पीड़न की घटनाएं निरंतर घटित हो रही है। इस मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच करना आवश्यक है। जांच में जो भी दोषी हो, उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। किसी भी निर्दोष पर कोई गलत कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।