नीलकंठेश्वर धाम से निकलेगी बाबा भोलेनाथ की भव्य बारात
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मध्य प्रदेश के कटनी जिले में स्थित नीलकंठेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रकृति की गोद में बसे भगवान शिव के इस भव्य मंदिर में आज गाजे-बाजे के साथ भगवान भोले की भव्य बारात निकाली जाएगी। हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों शिवभक्त इस आयोजन में शामिल होने पहुंच रहे हैं। बताया गया है कि इस बारात में केवल मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। शिव-पार्वती विवाह महोत्सव और शोभायात्रा इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगा।
प्राकृतिक सुंदरता के बीच आध्यात्मिक वातावरण
कटनी जिले से लगभग 35 किलोमीटर दूर कैमोर क्षेत्र के पडखुंडी ग्राम में स्थित नीलकंठेश्वर धाम चारों ओर ऊंची पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। यहां आयोजित अखंड मानस पाठ और भक्तिमय कीर्तन दूर-दूर तक गूंजते हैं। मंदिर के पुजारी के अनुसार इस भव्य मंदिर का निर्माण कटनी के प्रतिष्ठित व्यवसायी मदन लाल ग्रोवर द्वारा सन् 1991 में कराया गया था। मंदिर की सुंदरता और धार्मिक महत्व के कारण कटनी और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस अवसर पर भक्तिगीत गायक भी अपनी प्रस्तुति देंगे, जिससे श्रद्धालुओं की भक्ति भावना और प्रबल होगी।
धार्मिक आयोजन और भंडारे की परंपरा
नीलकंठेश्वर धाम में प्रतिवर्ष विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन किए जाते हैं। आयोजन के उपरांत हजारों श्रद्धालुओं को भंडारे में प्रसाद वितरित किया जाता है। मंदिर निर्माण करवाने वाले मदन ग्रोवर के अनुसार उन्हें स्वप्न में भगवान शिव से प्राप्त आज्ञा के बाद यहां मंदिर निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया। उनके अनुसार सबसे पहले भगवान शिव का मंदिर बनाया गया और बाद में पूरे परिसर में अनेक देवी-देवताओं के मंदिर स्थापित किए गए। इस वर्ष परिसर में राधा-कृष्ण जी का एक भव्य मंदिर भी बनवाया गया है।
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36 वर्षों से जारी अखंड पाठ और विशेष परंपराएं
मंदिर में पिछले 36 वर्षों से अखंड रामचरितमानस पाठ और भगवान शिव के कीर्तन का आयोजन निरंतर किया जा रहा है। महाशिवरात्रि से 42 दिन पूर्व शिवलिंग निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ होती है, जिन्हें विधि-विधान से पूजन के बाद विसर्जित किया जाता है। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की बारात धूमधाम से निकाली जाती है, जिसमें कटनी सहित आसपास के जिलों से हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। भव्य बाजे-गाजे, झांकियां और कीर्तन मंडलियां शोभायात्रा की रौनक बढ़ाती हैं।