पुलिस ने मलबे से निकालकर बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाया, पर उसे बचाया नहीं जा सका।
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कटनी जिले में लगातार तीन दिनों से हो रही रिमझिम बारिश के बीच एक जर्जर बिल्डिंग मौत का कारण बन गई। रंगनाथ थाना क्षेत्र के सागर पुलिया के पास स्थित अग्रवाल बिल्डिंग का पिछला छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर किराए से रह रहे बुजुर्ग प्रेमलाल गाड़री की मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया, जबकि एक बार फिर नगर निगम की जर्जर भवनों पर कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है।
दरअसल पूरा मामला रंगनाथ थाना क्षेत्र के सागर पुलिया के पास स्थित पुरानी अग्रवाल बिल्डिंग का है। जानकारी के मुताबिक प्रेमलाल गाड़री इस जर्जर भवन में किराए से रहते थे और शनिवार को बिल्डिंग के पिछले हिस्से में गए हुए थे। इसी दौरान लगातार बारिश से कमजोर हो चुका पिछला छज्जा अचानक एक मंजिल ऊंचाई से ईंट, पत्थर और दरवाजे समेत नीचे आ गिरा। भारी मलबा सीधे प्रेमलाल पर गिरने से वह उसके नीचे दब गए। छज्जा गिरते ही तेज धमाके की आवाज पूरे इलाके में गूंज गई। आस-पास के दुकानदार और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही रंगनाथ थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद के बाद पुलिस ने प्रेमलाल गाड़री को मलबे से बाहर निकाला गया और तत्काल जिला अस्पताल रवाना किया है जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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रंगनाथ थाना प्रभारी सिद्धार्थ राय ने बताया कि मृतक प्रेमलाल गदारी कुसुम ट्रेडर्स में काम करते थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जर्जर दीवार और छज्जे के साथ नीचे गिरने से वह मलबे में दब गए थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पंचनामा कार्रवाई के बाद पूरे मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बता दें कटनी शहर में एक दर्जन से अधिक जर्जर भवन ऐसे हैं, जिन्हें नगर निगम द्वारा कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। लेकिन खतरनाक इमारतों को खाली कराने या उन्हें ध्वस्त करने की ठोस कार्रवाई नहीं होने से बारिश के मौसम में ये भवन लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। जर्जर अग्रवाल बिल्डिंग का यह हादसा अब नगर निगम और भवन मालिक दोनों की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।