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Katni News: करोड़ों के वाहन खरीदी पर निगमाध्यक्ष ने लिखी जांच की चिट्ठी, प्रशासन-मंत्री के सामने रखी मांग

Wed, 06 Sep 2023 07:25 AM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी

सार

कटनी जिले में नगर निगम के अधिकारियों ने बिना जानकारी दिए ही 15 कचरा संग्रहित करने वाले वाहनों को करोड़ों रुपयों में क्रय करते हुए एमएसडब्ल्यू को सौंपा था। लेकिन वाहनों की कीमत ज्यादा होने के चलते संबंधित कंपनी ने वाहन लेने से इनकार कर दिया, जिससे सभी गाड़ियां कचरा प्लांट में जंग खा रही हैं। 
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निगमाध्यक्ष ने लिखी जांच की चिट्ठी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कटनी नगर निगम का नाम एक बार फिर भ्रष्टाचार से जुड़ गया है, जिसकी पुष्टि के लिए नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक ने कमिश्नर, महापौर, विधायक से लेकर मंत्रियों को चिट्ठी लिखते हुए जांच करने की मांग की है। वहीं, मामले की जानकारी लगाते ही निगमाध्यक्ष मनीष पाठक ने भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए पत्राचार करते हुए जांच की मांग रखी है।

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मामला कचरा संग्रहित करने वाली कंपनी एमएसडबल्यू से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए कटनी नगर निगम के अधिकारियों ने महंगे दामों में वाहन खरीदी कर डाली है। जानकारों की माने तो नगर निगम द्वारा 15 ऐसे वाहन खरीदे गए, जो कचरा संग्रहित करने का काम करते थे। हालांकि, यह काम एमएसडब्ल्यू कंपनी का था, लेकिन नियम विरोध तरीके से नगर निगम ने करीब एक करोड़ 72 लाख में 15 गाड़ियों की खरीदी कर ली। जबकि इसी गाड़ी को अधिकतम आठ लाख के दाम में कचरा संग्रहित करने वाली कंपनी मोटर मालिकों से खरीदती रही। शायद यही कारण है की अब एमएसयू कंपनी नगर निगम के वहां लेने से इनकार कर रही है।

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नगर निगम के अध्यक्ष मनीष पाठक ने कमिश्नर, महापौर, विधायक, प्रभारी मंत्री और प्रशासनिक मंत्री को पत्राचार करते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। मनीष पाठक बताते हैं कि गाड़ी खरीदने से पहले नगर निगम के अधिकारियों ने किसी भी प्रकार की उनसे या महापौर से कोई भी प्रकार की चर्चा नहीं की थी। यह एक तरह का जनता का पैसा बर्बाद करने जैसा है मामले में भ्रष्टाचार होने की संभावनाओं के चलते जांच की मांग की है। इसके बाद ही मिलीभगत करने वाले अधिकारियों पर उचित कार्रवाई होगी।
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मामले से पल्ला झाड़ने हुए नगर निगम कमिश्नर ने आरोपों को दरकिनार करते हुए बताया कि पूरी प्रक्रिया सरकारी पोर्टल जेम के अनुसार हुई है। कंपनी दिल्ली की है, जिनसे वाहन खरीदे गए। हमने एमएसडब्ल्यू को कई बार नए वाहनों को शामिल करने की बात कही थी। लेकिन जब उन्होंने नहीं खरीदा तो हमने ही उन्हें खरीदकर दिया है। पैसे की रिकवरी राजस्व के काट लिया जाएगा। फिलहाल, नगर निगम का ये मामला तूल पकड़ता दिखाई दे रहा है। देखना ये होगा जांच के निर्देश कब मिलते है और अगर भ्रष्टाचार हुआ है तो उन तमाम लोगों पर क्या कुछ कार्रवाई होगी।

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