मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के मंशानुसार मैदानी पदस्थापना पर कार्यरत समस्त पुलिस कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश देने के लिए आज पुलिस मुख्यालय में बैठक संपन्न हुई। पुलिस महानिदेशक ऋषि शुक्ला ने निर्देश दिए कि मैदानी अमले के कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश प्रदान किया जाएं। शुक्ला ने इस प्रस्ताव के लिए रूप रेखा तैयार करने हेतु निर्देश दिए।
शुक्ला ने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि मैदानी अमले के कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश प्रदान किया जाएं। यदि अपरिहार्य परिस्थिति में कोई कर्मचारी इस अवकाश का उपभोग नहीं कर पाता है तो वह उसी माह में अन्य किसी दिन इस अवकाश का लाभ ले सकेगा। यदि उस माह में वह इस अवकाश का उपभोग नहीं करता है तो यह अवकाश स्वत: समाप्त हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि शासन का सबसे प्रत्यक्ष विभाग पुलिस है। जनसेवक सरकार का यह अंग ना केवल नागरिक सुरक्षा सुनिश्ति करता है बल्कि जन-धन की रक्षा के साथ शासन के हर विभाग के दायित्व की सुचारूता के लिए उत्तरदायी है। पुलिस विभाग का समस्त विधायी कार्य थाना स्तर पर संपादित होता है, जिनको व्यवस्था में अन्य शाखाओं विशेषकर सशस्त्र बल से सहयोग प्राप्त होता है।
समाज की बढ़ती अपेक्षाओं के दबाव समाज की बढ़ती अपेक्षाओं के दबाव ने जमीनी स्तर पर पुलिस कर्मचारियों के लिए दुष्कर स्थितियों निर्मित कर दी है। लगभग चौबीस घंटे की सेवा , रातों दिन, अनिश्चित समय पर भोजन, आराम की कोई मोहलत नहीं होना और लगातार परिणाम देने की अपेक्षा ने कार्यपालिक बल को निरंतर तनाव में रखा है। फलस्वरूप मानसिक अवसाद से लेकर आत्महत्या तक कई पुलिस कर्मी अपना भाग्य मान बैठे हैं।