उमरिया की पहचान वन और कोयले की खदानों से रही है। अन्य प्रदेश के लोग यहां रोजगार के लिए आते थे, पर आज यहां मजदूरों का पलायन हो रहा है। भारी संख्या में बेरोजगारी है। बुधवार को मुख्यालय स्थित नए बस स्टैंड के पास जिला कांग्रेस कमेटी ने जनाक्रोश रैली आयोजित की। जहां भगवान बिरसा मुंडा को प्रणाम कर पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष कमलनाथ ने अपने उद्बोधन में यह बातें कही।
इस दौरान नाथ ने कहा कि प्रजातंत्र में चुनाव एक उत्सव होता है। चुनाव में किसानों की समस्या, बेरोजगारी, पलायन जैसे मुद्दे तो हैं पर आज सबसे बड़ा मुद्दा देश की संस्कृति को बचाने का मुद्दा है। कांग्रेस की संस्कृति एक दूसरे को जोड़ने की रही है। उन्होंने कहा कि विश्व में ऐसा कोई देश नहीं है जहां इतनी जातियां हों, इतनी भाषाएं हों, इतने त्यौहार हों, इतने देवी देवता हों। यही विभिन्नता और अनेकता है जिसने हम सभी को तिरंगे झंडे के नीचे खड़े रखा है। बाबा साहब ने हमे संविधान दिया। संविधान बनाने से पहले कितनी चुनोतियां थीं, पर ये जब बना तो विश्व के कई देशों ने इसी संविधान की नकल की।
'देश की संस्कृति को बचाना भी कांग्रेस का प्रमुख मुद्दा'
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने बिना नाम लिए भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर संविधान गलत हाथों में चला जाए, जोड़ने की संस्कृति खतरे में आ जाए तो क्या होगा? 2023 चुनाव में दूसरे मुद्दे के अलावा देश की संस्कृति को बचाना भी कांग्रेस का प्रमुख मुद्दा है।
उन्होंने आगे कहा कि 15 साल बाद वर्ष 2020 के दिसंबर महीने में कांग्रेस की सरकार बनी। इस दौरान प्रदेश कई चुनौतियों से गुजर रहा था। खास तौर से किसानों की आत्महत्या, बेरोजगारी, भ्र्ष्टाचार और महिलाओं पर अत्याचार जैसे कई ज्वलंत मुद्दे में प्रदेश एक नंबर पर रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपनी नीति और नीयत को कायम रख प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के लिए सबसे पहले कृषि क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए मजबूत फैसला लेते हुए 27 लाख किसानों का कर्जा माफ किया। दूसरी किश्त में और भी किसान थे। लेकिन भाजपा सरकार ने विधायकों की खरीद-फरोख्त कर सरकार गिरा दी। उन्होंने कहा कि मैं भी मुख्यमंत्री था, हम भी चाहते तो सौदा कर लेते पर हमने कुर्सी के लिए सौदा नहीं किया।
जहां नदी न हो, वहां भी पुल की घोषणा करने में माहिर हैं शिवराज
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने मौजूदा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि शिवराज सिंह ने बीते वर्षों में 20 हजार से अधिक घोषणाएं की हैं। जहां नदी न हो वहां भी पुल की घोषणा करने से नहीं चूकते, बिना झूठ बोले उनका खाना भी हजम नहीं होता। उन्होंने विकास यात्रा को निकास यात्रा का नाम देते हुए कहा कि शिवराज सिंह अच्छे कलाकार हैं। इन्हें मुंबई जाकर एक्टिंग वगैरह में हिस्सा लेकर प्रदेश का नाम रोशन करना चाहिए।
निजीकरण कर बेरोजगारी को बढ़ावा दे रही केंद्र सरकार
इस दौरान नाथ मोदी सरकार पर भी जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि इंदिरा सरकार ने कोयला खदानों को राष्ट्रीकृत किया था। मोदी सरकार निजीकरण कर रही है। प्रदेश के युवा बेरोजगार हैं, उन्हें काम चाहिए पर मोदी सरकार सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण कर बेरोजगारी को बढ़ावा दे रही है।
इस रैली में ये लोग हुए शामिल
जनाक्रोश रैली में प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के अलावा अजय सिंह (राहुल भैया), डिंडौरी विधायक ओमकार सिंह मरकाम, पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदे लाल सिंह मार्को, सहित जिले और दूसरे जिलों से आए हजारों की तादाद में कांग्रेस कार्यकर्ता तथा गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित जनाक्रोश रैली में हजारों की तादाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में जुलूस निकाला। दोपहर करीब 11 बजे रैली सर्किट हाउस पहुंची, जहां कमलनाथ ने प्रेस कान्फ्रेंस में हिस्सा लिया। उसके बाद सामुदायिक भवन में आयोजित मंडलम सेक्टर की बैठक में शामिल हुए। फिर करीब 12 बजे नए बस स्टैंड में आयोजित जनाक्रोश रैली कार्यक्रम में शरीक होकर अपना उद्बोधन दिया।