मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट के माध्यम से भाजपा सरकार पर हमला बोला है। वे विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई से नाराज नजर आए। उन्होंने शिवराज सरकार पर सत्ता का दुरुपयोग करने के आरोप भी लगाए।
कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सरकार में लोकतंत्र में मिले विरोध के अधिकार को भी छीनने व दमन करने का काम हो रहा है। विपक्ष को जनता की आवाज़ को उठाने का व विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार प्राप्त है। जनता को भी जनहित के मुद्दों पर अपनी बात रखने का व सच कहने का अधिकार है। शिवराज सरकार प्रदेश में ग़लत परंपरा को जन्म दे रही है। विरोध की आवाज़ को तानाशाही तरीक़े से कुचला जा रहा है। शिवराज सरकार सच सुनना ही नहीं चाहती है। ग्वालियर में ग़रीबों की मंडी हटाने का विरोध कर रहे कांग्रेसजनो पर तानाशाही रवैया अपनाते हुए उनका दमन किया जा रहा है। उन पर राजनीतिक दुर्भावना से दमनकारी कार्रवाई की जा रही है।
कमलनाथ ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध के कई तरीक़े हैं, उसमें पुतला जलाना भी एक तरीक़ा है लेकिन ग्वालियर में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर जिस तरह की दमनकारी कार्रवाई की जा रही है, वो बेहद ग़लत व बेहद निंदनीय है। उसी प्रकार पिछले दिनो इंदौर में रोज़गार व स्कॉलरशीप का मुद्दा उठाने वाले आदिवासी छात्र पर की गई कार्रवाई भी तानाशाही भरा कदम है। सच को कुचलने का प्रयास है।
कमलनाथ ने आरोप लगाया कि शिवराज सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। वो यह समझ ले कि सत्ता कभी स्थायी नहीं होती है। हम इस दमन पर चुप नहीं बैठेंगे, जितना दमन करोगे, उतनी अधिक मुखरता से विरोध करेंगे। भाजपा सरकार प्रदेश के शांतिपूर्ण माहौल को ख़राब करने का, लोकतांत्रिक अधिकारो को छीनने का व आपसी राजनैतिक सौजन्यता को समाप्त करने का काम कर रही है।