उज्जैन में प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए और मंदिर के सुंदरता बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार मंदिर पर 300 करोड़ रुपये खर्च करेगी। ट्रस्ट को मजबूत करने के लिए सरकार मंदिर के वर्तमान एक्ट में 16 संशोधन करेगी।
शनिवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रालय में हुई अहम बैठक के बाद यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने इसके लिए लोकनिर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, जनसंपर्क व अध्यात्म मंत्री पीसी शर्मा और नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह की तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है।
मंदिर के रूपरेखा को बदलने और उसकी सुन्दरता बढ़ाने के लिए पांच चरणों में कार्य किया जाएगा। पहले चरण में मन्दिर में प्रवेश मार्ग, महाकाल थीम पार्क, वर्केज लॉन पार्किंग बनेंगे। दूसरे चरण में महाराज बाड़ा, कुंभ संग्रहालय, महाकाल कथाओं का प्रदर्शन, धर्मशाला, रूद्रसागर झील का पुनर्जीवन, हरि फाटक पुल बनाया जाएगा।
तीसरे चरण में मंदिर के शहनाई गेट से सड़क तक पुलिस चौकी, सत्कार कार्यालय बनेंगे। चौथे चरण में फैसिलिटी-2 का निर्माण किया जाएगा जहां श्रद्धालुओं को हर तरह की सुविधा मिलेगी। पांचवे चरण में देवास धर्मशाला के सामने नया आगमन-निकास बनेगा।
इस योजना की घोषणा इसलिए की गई है क्योंकि पांच अगस्त को नागपंचमी के दिन तीन लाख श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर पहुंची। इस कारण वहां अव्यवस्था पैदा हो गई। जिसके बाद सरकार ने इस योजना की घोषणा की।
मुख्यमंत्री 19 अगस्त को उज्जैन जाएंगे और बाबा महाकाल की सवारी में शामिल होंगे। इस दौरान वह आम लोगों की समस्याओं का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकाल मंदिर विश्व प्रसिद्ध है और करोड़ों लोग यहां दर्शन करने आते हैं। सरकार यहां ऐसी व्यवस्था करना चाहती है जिससे श्रद्धालु यहां एक दो दिन रुक सकें।
साथ ही उन्होंने इस बात का आश्वासन भी दिया कि मंदिर के विस्तार और व्यवस्था में सुधार के दौरान मंदिर के मूल ढांचे के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा।