मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के उज्जैन स्थित भगवान महाकाल के प्रसिद्ध मंदिर के विकास और विस्तार के लिए 300 करोड़ की योजना शुरू करेगी ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें। महाकाल मंदिर के विस्तार और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए मंत्रिमंडल के सदस्यों की त्रिस्तरीय सदस्य समिति गठित होगी।
कांग्रेसनीत सरकार ने निर्णय लिया है कि इसके साथ ही महाकाल मंदिर के अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव भी राज्य कैबिनेट में लाया जाएगा। मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग की विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में शनिवार को मंत्रालय में भगवान महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं में सुधार और सुविधाओं के विस्तार पर हुई बैठक में ये निर्देश दिए गये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना समय-सीमा आधारित हो जिसमें काम शुरू होने से लेकर उसके पूरे होने तक का समय निर्धारित हो। उन्होंने कहा कि इसकी निगरानी मुख्य सचिव करेंगे। कमलनाथ ने बैठक में कहा कि भगवान महाकाल मंदिर के कारण पूरे विश्व में मध्यप्रदेश की पहचान है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के इस केन्द्र का सुनियोजित विकास किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विस्तार एवं व्यवस्था में सुधार के दौरान महाकाल मंदिर के मूल ढांचे के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।