प्रचार के दौरान कांग्रेस द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों के बारे में पूछने पर सिंधिया ने कहा कि पार्टी सड़कों पर लड़ाई लड़ेगी। 'हम प्रदेश भर में किसानों की परेशानी, पूरी तरह खत्म हो चुकी कानून-व्यवस्था, खासकर महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों, व्यापक भ्रष्टाचार आदि को लेकर जनता के पास जाएंगे चाहे वह व्यापमं, ई-टेंडर हो या रेत खनन हो।'प्रदेश में 28 नवंबर को मतदान है और 11 दिसंबर को मतगणना होगी।
बीते तीन चुनावों की तुलना में इस बार कांग्रेस का आंतरिक संगठन कितना अलग है और क्या पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद सुलझा लिये गए हैं। इस सवाल पर सिंधिया ने कहा कि पार्टी एकजुट है और प्रमुख मुद्दों को लेकर नियमित बैठक होती हैं चाहे पार्टी संगठन में फेरबदल हो या पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरना हो या जिले और ब्लॉक स्तर पर पार्टी संगठन को मजबूत करना हो।
सिंधिया ने कहा, 'हम समझते हैं कि भाजपा से लड़ने के लिये हमें बूथ स्तर तक जाकर लड़ना होगा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में हम एक इकाई के तौर पर काम कर रहे हैं जो मध्य प्रदेश के विकास के साझा दर्शन और मिशन के लिये संकल्पबद्ध है।' ओपिनियन पोल में मध्य प्रदेश में भाजपा पर कांग्रेस को बढ़त दिखाए जाने पर उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि उनकी पार्टी 'को बढ़त है’।