झाबुआ के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम उमरिया दरबार में जमीन विवाद को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी बेटे सुनील ने अपने 70 वर्षीय वृद्ध पिता अनसिंह पिता खुमसिंह डामोर को केवल इस बात पर मौत के घाट उतार दिया, क्योंकि वे अपनी दो बीघा जमीन अपने पोते (मृतक के दूसरे बेटे के बेटे) गोविंद के नाम करना चाहते थे, जबकि आरोपी बेटा उस जमीन को अपने नाम करवाना चाहता था।
मारपीट और इलाज के दौरान मौत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 1 सितंबर की शाम करीब चार बजे की बताई जा रही है। आरोपी सुनील ने अपने पिता अनसिंह डामोर के साथ ग्राम उमरिया सालम में मांगलिया सिंगाड के घर के पास लात-घूंसों और लाठी से बेरहमी से मारपीट की। इस हमले में बुजुर्ग पिता के सिर और कंधे पर गंभीर चोटें आईं, जिससे वे बेहोश हो गए। आरोपी उन्हें पहले पारा अस्पताल, फिर झाबुआ और दाहोद अस्पताल लेकर गया, जहां इलाज के दौरान छह सितंबर की रात करीब 9:45 बजे उनकी मौत हो गई।
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पुलिस कार्रवाई और मर्ग कायम
कोतवाली टीआई आरसी भास्करे ने बताया कि घटना की सूचना मृतक के पोते गोविंद पिता अनिल डामोर (उम्र 20 वर्ष) ने थाना कोतवाली झाबुआ में आकर दी। प्रार्थी की रिपोर्ट और मर्ग क्रमांक 183/2026 की जांच के आधार पर की गई प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी सुनील ने सुनियोजित तरीके से जान से मारने की नीयत से मारपीट की थी। मर्ग जांच के दौरान शॉर्ट पीएम रिपोर्ट, साक्षी दितुबाई पति मंगलिया सिंगाड और सूचनाकर्ता गोविंद के बयानों के आधार पर आरोपी सुनील पिता अनसिंह डामोर के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस द्वारा सोमवार को शव का पोस्टमार्टम जिला चिकित्सालय झाबुआ में करवाकर शव को परिजनों के सुपुर्द किया गया।