पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा ने सड़क पर नमाज को योग दिवस से जोड़ते हुए ट्वीट कर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने ट्वीट किया कि बंगाल के रेड रोड पर एक दिन के लिए एक घंटे तक ईद की नमाज़ नहीं हो सकी, लेकिन उसी रेड रोड को योग दिवस के लिए एक सप्ताह तक ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया। अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान हिम्मत करके अपने पैसे देने वालों से यह सवाल पूछें।
वहीं, इस मामले में मध्य प्रदेश के खंडवा पहुंचे बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने मीडिया से बातचीत में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस्लाम में नमाज को लेकर एक पूरा प्रोटोकॉल है, जिसमें बताया गया है कि नमाज कैसे और किन परिस्थितियों में पढ़ी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि कुछ लोग मुद्दों को भटकाने और मुसलमानों को बदनाम करने के लिए इस तरह के बयान देते हैं।
'विवादित स्थान पर पढ़ी गई नमाज़ को कबूल नहीं माना जाता'
जमाल सिद्दीकी ने आगे कहा कि इस्लाम में नमाज के लिए मस्जिद को प्राथमिक स्थान माना गया है और 55 देशों में, जहां इस्लाम प्रमुख धर्म है, वहां नमाज़ मस्जिदों में ही पढ़ी जाती है। यहां तक कि सऊदी अरब, जहां से इस्लाम की शुरुआत हुई, वहां भी नमाज़ मस्जिदों में ही अदा की जाती है, सड़कों पर नहीं। उन्होंने कहा कि इस्लाम में विवादित स्थान पर पढ़ी गई नमाज़ को कबूल नहीं माना जाता। इसलिए उन्हें समझ नहीं आता कि कुछ लोग नमाज़ को एसी कमरों से निकालकर सड़कों पर लाकर मुसलमानों की नमाज़ क्यों खराब करना चाहते हैं।
अपील: नमाज भी पढ़ें और योग भी करें
उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। भगवान श्रीराम के घर में चोरी करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी और देश भी उन्हें माफ नहीं करेगा।