रिश्वत मामले में आरोपियों को रिमांड पर सौंपा गया है.
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मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस सागर में पदस्थ तीन कर्मचारियों सहित एक ठेकेदार को 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सीबीआई जबलपुर ने गिरफ्तार किया था। सभी आरोपियों को विशेष न्यायालय सीबीआई के समक्ष पेश किया गया। विशेष न्यायालय ने पूछताछ के लिए सीबीआई को 15 सितम्बर को आरोपियों का रिमांड प्रदान किया है।
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गौरतलब है कि सीबीआई जबलपुर के पुलिस अधीक्षक सतीश कुमार राठी से झांसी उत्तर प्रदेश निवासी बालाजी एसोसिएट्स के प्रबंधक अजय कुमार ने शिकायत की थी कि उसकी कंपनी को एमईएस सागर में बी एंड आर की रिपेयरिंग व मेंटेनेंस का ठेका वर्ष 2025-26 के लिए 26 लाख 50 हजार रुपये में मिला था। ठेका आवंटित होने के बावजूद भी कंपनी को वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया जा रहा था। इस दौरान सागर निवासी ठेकेदार राजेश मिश्रा से उनका संपर्क हुआ। ठेकेदार राजेश मिश्रा ने बताया कि वर्क ऑर्डर जारी करने के एवज में उसे एक लाख रुपये रिश्वत के तौर पर देने होगे। जांच में पीड़ित की शिकायत सही पाई गई थी।
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ठेकेदार राकेश मिश्रा के माध्यम से एमईएस सागर में पदस्थ गैरिसन इंजीनियर के पद पर पदस्थ राकेश साहू, नीतेश कुमार सिंह तथा दीपक नामक कर्मचारी को 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। सीबीआई की टीम ने चारों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा बीएनएस की धारा 61 के तहत प्रकरण दर्ज करते हुए आरोपियों को सागर से जबलपुर लाकर सीबीआई की विशेष कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। सीबीआई ने पूछताछ करने के लिए आरोपी का रिमांड प्राप्त करने न्यायालय में आवेदन दायर किया। न्यायालय ने आरोपियों की रिमांड 15 सितम्बर तक सीबीआई को प्रदान की है।