लापता बेटी की तलाश में पुलिस की कथित निष्क्रियता से परेशान एक पिता ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की युगलपीठ ने पुलिस को अगली सुनवाई पर युवती को न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
भेड़ाघाट थाना क्षेत्र के कूडन निवासी रामकुमार वर्मा ने याचिका में बताया कि उनकी 20 वर्षीय पुत्री 14 जुलाई को कोचिंग जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर उन्होंने भेड़ाघाट थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
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याचिका के अनुसार, बाद में एक युवक ने जानकारी दी कि उसका मित्र गणेश सोनवानी, निवासी बरेला, उनकी बेटी को अपने साथ ले गया है और उसे बरेला में रखा हुआ है। इसके बाद गणेश सोनवानी की पत्नी ने भी रामकुमार वर्मा से संपर्क कर कथित रूप से बताया कि उसका पति भोली-भाली लड़कियों को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में भेज देता है।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि उन्होंने यह जानकारी दो बार पुलिस को दी, लेकिन इसके बावजूद युवती की बरामदगी के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आशंका जताई है कि उनकी बेटी को दूसरे राज्य में बेचा जा सकता है। मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने की। न्यायालय ने पुलिस को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई पर लापता युवती को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सौरभ शर्मा ने पैरवी की।