कलेक्टर बुरहानपुर द्वारा मप्र राज्य सुरक्षा अधिनियम की कार्यवाही के संबंध में जारी नोटिस को चुनौती देते हुए दिवंगत वाइस एयर मार्शल की पत्नी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता को कार्यवाही के संबंध में शोकॉज नोटिस जारी किया है। उन्हें यह कानूनी अधिकार प्राप्त है कि वह संबंधित प्राधिकरण के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करें।
दिवंगत वाइस एयर मार्शल की पत्नी माधुरी कृष्णास्वामी की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि उनकी संस्था वनवासी तथा आदिवासी हितों के संरक्षण के लिए काम करती है। बुरहानपुर डीएफओ के संरक्षण में अवैध पेड़ कटाई का काम होता है। इसमें अन्य वन विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं। इस संबंध में उनके द्वारा शिकायत की गई थी। इसके कारण वन विभाग के अधिकारी उनसे द्वेष रखते हैं।
वन विभाग के डीएफओ ने उनके खिलाफ मप्र राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्यवाही करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट को प्रतिवेदन भेजा था। जिस पर कार्यवाही करते हुए जिला मजिस्ट्रेट ने धारा 8 5 के तहत नोटिस जारी किया है। याचिका में उनके खिलाफ जारी नोटिस को निरस्त करने की राहत चाही गई थी। एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि नोटिस सक्षम प्राधिकरण द्वारा जारी किया गया है। नोटिस विधिक प्रक्रिया के अनुसार जारी किया गया है। नोटिस में याचिकाकर्ता को पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया गया है। इसके अलावा उसके पास पारित आदेश के खिलाफ अपील का भी अधिकार है। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया। सरकार की तरफ से अधिवक्ता सुयश ठाकुर ने पैरवी की।