बालाघाट जिला न्यायालय ने नाबालिग बेटी से दुराचार करने वाले आरोपी पिता को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। न्यायालय ने आरोपी को अन्य धाराओं के तहत सजा तथा 50 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, थाना बिरसा अंतर्गत ग्राम सुरवाई में रहने वाली आठवीं क्लास की छात्रा पर उसका पिता गलत नियत रहते हुए छेड़छाड़ करता था, जिसके कारण वह अपने दादा-दादी के पास ग्राम रामेपुर रहने और पढ़ने चली गई थी। वह अपने चाचा-चाची के साथ जून 2017 में बुआ के घर ग्राम रेलवाही जा रही थी। बैहर में उसे पिता मिल गए, जो जबरदस्ती उसे अपने गांव ले गए।
रात में वह अपनी बहनों के साथ सो रही थी, तभी पिता उसे जबरदस्ती दूसरे कमरे में ले गया और दुराचार किया। आवाज सुनकर छोटी बहन बचाने आई तो पिता ने उसे जान से मारने की धमकी देते हुए भगा दिया। दूसरे दिन पिता किसी काम से बाहर गया तो वह अपनी छोटी बहन के साथ चाचा-चाची के घर पहुंची और घटना की जानकारी दी। उसके बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई।
पुलिस ने धारा- 376, 376 (2)(एफ) भादवि एवं धारा-4, 6, पॉक्सो अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया था। न्यायालय ने गवाह और साक्ष्य के आधार पर आरोपी पिता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास तथा 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।