फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MP News: पांच दिन में गर्भावस्था समाप्त कर DNA रखें सुरक्षित, दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग के मामले में HC के आदेश

Wed, 03 Jun 2026 09:08 AM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दुष्कर्म पीड़ित 17 वर्षीय नाबालिग की गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति देते हुए जिला अस्पताल को पांच दिनों के भीतर मेडिकल प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने भ्रूण का डीएनए सुरक्षित रखने का आदेश भी दिया, ताकि उसका उपयोग आरोपी के खिलाफ चल रही आपराधिक जांच में साक्ष्य के रूप में किया जा सके।
विज्ञापन
पांच दिनों में गर्भावस्था समाप्त कर डीएनए रखे सुरक्षित
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हाईकोर्ट जस्टिस विवेक जैन ने दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग किशोरी की गर्भावस्था पांच दिनों में समाप्त किए जाने के आदेश जारी किए हैं। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि गर्भावस्था समाप्त करने के दौरान भ्रूण का डीएनए सुरक्षित रखा जाए। इसका इस्तेमाल अपराध की जांच में किया जाएगा।

विज्ञापन


मंडला जिला न्यायालय द्वारा नाबालिग दुष्कर्म पीड़ित की गर्भावस्था समाप्त किए जाने की अनुमति के लिए हाईकोर्ट में प्रकरण भेजा गया था। इसमें कहा गया था कि आरोपी के खिलाफ संबंधित पुलिस थाने में पॉक्सो सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। एकलपीठ ने संज्ञान याचिका की सुनवाई करते हुए दुष्कर्म पीड़ित की मेडिकल रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी किए किए थे।

ये भी पढ़ें- हैवानियत: दबे पांव घर में घुसकर महिला के हाथ-पैर बांधे, फिर की दरिंदगी; पति घर पहुंचा तो उसका किया ये हाल
विज्ञापन


मेडिकल बोर्ड द्वारा पेश की गई रिपोर्ट का अवलोकन करते हुए हाईकोर्ट ने पाया कि पीड़ित की उम्र 17 साल है और 11 मई 2026 की गई जांच के अनुसार उसकी गर्भावस्था 5 हफ्ते 4 दिन थी। बोर्ड की राय है कि गर्भावस्था को इस चरण में मेडिकल तरीके से खत्म करना सुरक्षित रूप से संभव है।
विज्ञापन


एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि वर्तमान में पीड़िता की गर्भावस्था का समय 7 से 8 हफ्तों के बीच है। गर्भवती महिला यौन उत्पीड़न की शिकार है। पीड़ित गर्भावस्था समाप्त किए जाने के पक्ष में है। एकलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए मेडिकल तरीके से पीड़ित की गर्भावस्था पांच दिनों में खत्म करने का निर्देश जारी किए हैं। संबंधित जिला अस्पताल पीड़ित को सभी मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवाए। भ्रूण का डीएनए सुरक्षित रखा जाए, जिसके उपयोग अपराध की जांच में किया जाएगा।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें