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Jabalpur News: जबलपुर में भाजपा पार्षद कविता रैकवार को लगा झटका, जाति प्रमाण-पत्र अमान्य करार; अब आगे क्या?

Sun, 12 Apr 2026 02:15 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलुपर

सार

जबलपुर में भाजपा पार्षद कविता रैकवार को बड़ा झटका लगा है। उच्च स्तरीय जांच समिति ने उनके जाति प्रमाण-पत्र को मान्य नहीं माना, जिससे मामला और गरमा गया है। शिकायतकर्ता इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
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जबलपुर हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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जबलपुर के हनुमानताल वार्ड से भाजपा पार्षद कविता रैकवार ने कथित ओबीसी प्रमाण-पत्र के आधार पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी। अब पिछड़ा वर्ग उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने उन्हें पिछड़ा वर्ग का सदस्य प्रमाणित नहीं पाया है।

गौरतलब है कि हनुमानताल से निर्वाचित भाजपा पार्षद कविता रैकवार के जाति प्रमाण-पत्र को चुनौती देते हुए शिकायतकर्ता राजेंद्र उर्फ रज्जू सराफ ने संभागायुक्त के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था। संभागायुक्त ने प्रकरण की सुनवाई करते हुए भाजपा पार्षद का जाति प्रमाण-पत्र अवैध पाया था। इसके खिलाफ पार्षद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए कहा था कि उन्हें सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। इस पर हाईकोर्ट ने जाति प्रमाण-पत्र की जांच उच्च स्तरीय समिति से कराने के निर्देश दिए थे।

हाईकोर्ट ने 45 दिनों के भीतर जांच पूरी करने के आदेश दिए थे

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उच्च स्तरीय जाति प्रमाण-पत्र समिति द्वारा समय पर जांच नहीं किए जाने के खिलाफ शिकायतकर्ता राजेंद्र उर्फ रज्जू सराफ ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 45 दिनों के भीतर जांच पूरी करने के आदेश जारी किए थे।

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हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए उच्च स्तरीय जांच समिति के निर्देश पर तीन सदस्यीय विजिलेंस कमेटी का गठन किया गया। विजिलेंस कमेटी ने दस्तावेजों की जांच के बाद पाया कि निर्वाचित भाजपा पार्षद पिछड़ा वर्ग की नहीं हैं। रिपोर्ट के आधार पर उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने भी उन्हें पिछड़ा वर्ग का सदस्य प्रमाणित नहीं किया।

शिकायतकर्ता का कहना है कि फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर चुनाव लड़ना गंभीर अपराध है और उनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। अब देखना होगा कि इस मामले पर आगे क्या कार्रवाई की जाती है?

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