जबलपुर की माढ़ोताल पुलिस ने डेढ़ माह पूर्व हुई अंधी हत्या का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गैंग का सरगना तथा एक आरोपी फरार है, जिसकी सरगर्मी से तलाश जारी है। साथी द्वारा नई गैंग बनाए जाने से सरगना नाराज था और दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही थी। गोली मारकर हत्या करने के बाद सरगना ने साथियों के साथ मिलकर शव को तालाब कें फेंक दिया था।
माढ़ोताल थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार के अनुसार कठौंदा कम्पोस्ट प्लांट के समीप स्थित तालाब में 1 दिसंबर को शव उतराते हुए मिला था। शव की शिनाख्त अनिराज उर्फ अन्ना (34) के रूप में हुई थी। वह आदतन अपराधी था और उसके खिलाफ लगभग 40 अपराधिक प्रकरण दर्ज थे। मृतक के सिर में फायर आर्म्स से गोली मारने के निशान थे। पुलिस ने हत्या का अपराध दर्ज कर प्रकरण के विवेचना में लिया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने मृतक के पुराने परिचित कामरान अली (22) तथा अनुश्रेय राय (18) को पूछताछ के लिए बुलाया था। दोनों के नहीं आने पर पुलिस को उन पर संदेह हुआ। पुलिस को ज्ञात हुआ कि कमरान अपने रिश्ते के चालीसवां कार्यक्रम में शामिल होने अनुश्रेय राय के साथ जबलपुर आया है और पाटन थानान्तर्गत ग्राम चुहटा में रुका हुआ है।
पुलिस ने अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने वारदात को अंजाम देने स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि वह सुयश उर्फ छोटू चौबे गैंग के सदस्य हैं। पूर्व में अन्ना भी उनका साथी था और उसने अपनी अलग गैंग बना ली थी। सुयश के दुष्मनों के साथ उसकी नजदीकियां बढ़ गई थीं। सुयश तथा अन्ना के बीच वर्चस्व की लड़ाई छिड़ गई थी। पुराना साथी होने के कारण अन्ना तथा उसने अन्य साथियों के साथ मिलकर जमकर शराबखोरी की थी। रात को वह अनुश्रेय राय के संजीवनी नगर स्थित घर में आकर सो गए थे।
रात लगभग दो बजे उनके पास छोटू चौबे का फोन आया तो उन्होंने अन्ना की लोकेशन दी। छोटू अपने साथी मो. आदिल के साथ आया। अन्ना शराब के नशे में सो रहा था, तभी छोटू ने पिस्टल से सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद चारों ने मिलकर स्कार्पियो गाडी में शव को डालकर तालाब में फेंक दिया। पुलिस फरार गैंगस्टर छोटू चौबे तथा उसके साथी की तलाश कर रही है।