लोकतंत्र सेनानी (मीसाबंदी) की पत्नी पर उपचार के व्यय राशि का भुगतान शासन द्वारा इस आधार पर निरस्त कर दिया गया कि उसकी मौत हो गई है, जिसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस विशाल धगट ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
आदर्श नगर ग्वारीघाट रोड निवासी अजीत सिंह आनंद की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि वह पेशे से डाइवर है। उनकी मां हरजीत सिंह कौर दिसंबर 2023 को मौत हो गई। वह लकवा तथा हार्ट की बीमारी से ग्रसित थी। उनके पति सरकार भगत सिंह लोकतंत्र सेनानी थे और उनकी मौत के बाद मां को मीसाबंदी पेंशन मिलती थी। शासन का स्पष्ट नोटिफिकेशन है कि मीसाबंदी तथा उसकी पत्नी को गंभीर उपचार के लिए चिकित्सा सहायता अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।
पूर्व में मां के बीमार होने पर उसके द्वारा राशि व्यय की गयी थी, जिसके भुगतान शासन द्वारा किया गया था। इसके बाद अक्तूबर 2023 में लकवा ग्रस्त तथा हार्ट अटैक होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। इस दौरान आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए उसने जिला कलेक्टर के समक्ष चिकित्सा सहायता अनुदान के लिए आवेदन दिया था।
जिला कलेक्टर ने मौखिक रूप से इलाज के दौरान व्यय होने वाली राशि का भुगतान कर दिये जाने का आश्वासन दिया था, जिसके कारण उसने कर्ज लेकर मां का उपचार करवाया। उपचार के दौरान उनकी 18 दिसंबर 2023 को मौत हो गई। मां की मौत होने के शासन द्वारा चिकित्सा सहायता अनुदान राशि प्रदान करने से इंकार कर दिया गया। याचिका की सुनवाई के बाद एकलपीठ ने प्रदेश सरकार तथा जिला कलेक्टर को नोटिस कर जवाब मांगा है।