गुरुवार को कान्हा-भोरदेव डिवीजन के सुपखार रेंज स्थित रौंदा जंगल क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में मारी गईं 62 लाख रुपये की इनामी चार महिला नक्सलियों के शवों का शनिवार को जिला अस्पताल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पोस्टमार्टम किया गया। इसके पश्चात, शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
पोस्टमार्टम के दौरान जिला अस्पताल को पूरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। मीडिया कर्मियों का प्रवेश पूरी तरह निषेध था और मृत नक्सलियों के परिजनों को पुलिस द्वारा निगरानी में रखा गया था।
गुरुवार दोपहर हॉक फोर्स और पुलिस बल की संयुक्त टीम की नक्सलियों से मुठभेड़ हुई थी, जिसमें चार महिला नक्सलियों को मार गिराया गया। मृतकों की पहचान आशा, निवासी दक्षिण बस्तर, जिला सुकमा, जो भोरमदेव एरिया कमेटी की कमांडर थी, शीला उर्फ पदम उर्फ सरिता, निवासी पेन्टा, थाना जगरगुंडा, जिला सुकमा, छत्तीसगढ़, जो एसीएम, भोरमदेव एरिया कमेटी की सदस्य थी, रंजीता, जिला कोण्डागांव, छत्तीसगढ़, जो भोरमदेव एरिया कमेटी की एसीएम थी और लख्खे मरावी, जिला सुकमा, छत्तीसगढ़, जो भोरमदेव एरिया कमेटी की एसीएम थी, के रूप में हुई।
चारों महिला नक्सलियों पर कुल 62 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पोस्टमार्टम के दौरान मृतक नक्सलियों के परिजन मौजूद थे, लेकिन पुलिस की सख्त निगरानी के चलते किसी भी बाहरी व्यक्ति को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम उनके शवों को कड़ी सुरक्षा के बीच जिला अस्पताल से रवाना किया गया।