जबलपुर-मंडला की सीमा पर मृत मिले तेंदुए का शिकार करंट लगाकर पारधी गिरोह ने किया था। वन विभाग की टीम को पारधी गिरोह के ठिकाने से बड़ी संख्या वन प्राणियों के अवशेष और खाल मिली है। जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया था। इसके अलावा बड़ी संख्या में शिकार में उपयोग किये जाने वाले हथियार व दस मोटर साइकिल भी मिली है, जिन्हें वन विभाग की टीम ने जब्त कर लिया है।
गौरतलब है कि पिपरिया वन परिक्षेत्र जबलपुर के अंतर्गत समाधि वनभूमि में तेंदुए की लाश मिली थी। मृत तेंदुआ के पिछले पैरों के पंजे गायब थे। निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए पोस्टमॉर्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था। वन परिक्षेत्र अधिकारी अपूर्व प्रखर शर्मा ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार तेंदुए की मौत करंट लगने से हुए थी।
सीसीएफ कमल अरोड़ा तथा डीएफओ ऋषि मिश्रा के मार्गदर्शन में एनटीसीए के द्वारा जारी दिशा-निर्देश अनुसार घटना स्थल को सुरक्षित करते हुए डॉग स्क्वॉयड की सहायता ली गई। डॉग स्क्वॉयड की मदद से वन विभाग की टीम ने मंडला के बीजाडांडी थानान्तर्गत ग्राम देवरी में दबिश दी। दबिश के दौरान वन विभाग की टीम को एक घर से शिकार में उपयोग किए जाने वाले हथियार व पिंजरे मिले। इसके अलावा कई वन्य जीवों के अवशेष तथा खाल भी बरामद हुई। जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में कुछ अवशेष कार्निवोरस प्रजाति के जानवरों की है।
उन्होंने बताया कि उक्त बस्ती पारधी समाज के लोगों की है। दबिश को दौरान को पुरुष नहीं मिला। वन विभाग ने दस मोटर साइकिल से अन्य सामान जब्त कर लिया है। पारधी समाज के व्यक्ति की सरगर्मी से तलाश जारी है।