राजस्थान से संचालित एक एनजीओ पे टू पे सोशल फाउंडेशन ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना की आड़ में नेटवर्क चेन स्कीम के जरिए देशभर में 93,000 से अधिक लोगों को ठगकर 5 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की। वारासिवनी पुलिस ने एनजीओ से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य सरगना फरार है और उसकी तलाश जारी है।
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ऐसे दिया घटना को अंजाम
एसडीओपी वारासिवनी अभिषेक चौधरी ने बताया कि एनजीओ ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के नाम पर लोगों को गुमराह कर 550 रुपये की सदस्यता राशि जमा कराई। इसके तहत, सदस्यों को चेन स्कीम से जोड़ा गया, जो भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के विपरीत अवैध रूप से संचालित की जा रही थी।
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पुलिस की कार्रवाई
शिकायत मिलने पर वारासिवनी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने एनजीओ के दो सदस्यों को बालाघाट और दो को जयपुर से गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि केवल बालाघाट जिले में ही 14,000 से अधिक लोग इस फर्जी योजना में फंस चुके हैं। पूरे देश में एनजीओ ने 20 राज्यों में अपने जाल फैलाकर 93,000 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये वसूले हैं।
मुख्य आरोपी की तलाश जारी
एनजीओ का अध्यक्ष प्रभु दयाल शर्मा फरार है। उसकी तलाश में पुलिस टीम राजस्थान भेजी गई है। पुलिस अन्य राज्यों में भी इस गिरोह के नेटवर्क की जांच कर रही है।