जवाहर नवोदय विद्यालय में प्रवेश के दौरान ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आरक्षण का लाभ नहीं दिए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।
याचिका जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील निवासी नव्या तिवारी के पिता धीरज तिवारी द्वारा दायर की गई है। याचिका में बताया गया कि कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए ईडब्ल्यूएस श्रेणी में आवेदन किया गया था, लेकिन विद्यालय प्रशासन ने यह कहकर आवेदन निरस्त कर दिया कि प्रवेश प्रक्रिया में ईडब्ल्यूएस श्रेणी का कोई प्रावधान नहीं है। जारी नोटिफिकेशन में भी इस कोटे का उल्लेख नहीं किया गया है।
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याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विशाल मिश्रा ने दलील दी कि वर्ष 2019 में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षण लागू करने का प्रावधान किया गया था। इसके बावजूद स्कूलों में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए तो आरक्षण दिया जा रहा है, लेकिन ईडब्ल्यूएस कोटा केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित रखा गया है। शैक्षणिक संस्थानों में इसे लागू नहीं करने के कारण इस वर्ग के छात्र प्रवेश से वंचित हो रहे हैं।
वहीं, केंद्र सरकार की ओर से उपस्थित डिप्टी सॉलिसिटर जनरल ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार करते हुए एक सप्ताह का समय प्रदान किया है।