सरकारी मकान के आवंटन को खारिज किए जाने के खिलाफ जयलोक पार्टी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता यह प्रस्तुत नहीं कर पाया कि उसकी राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय व राज्य स्तर की है। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया।
भोपाल निवासी बृजेश गुप्ता की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि वह जयलोक पार्टी का अध्यक्ष है। उन्होंने सरकारी आवास आवंटन के लिए आवेदन किया था। गृह विभाग द्वारा उनके आवेदन को खारिज कर दिया गया। याचिकाकर्ता की तरफ से तर्क दिया गया कि उनकी पार्टी विधिवत पंजीकृत राजनीतिक दल है। इसलिए वह सरकारी आवास के लिए पात्र हैं।
सरकार की तरफ से तर्क दिया गया कि भारत निर्वाचन आयोग की सूची में राष्ट्रीय या राज्य स्तर पार्टी के रूप में जयलोक पार्टी का नाम दर्ज नहीं है। इसलिए यह एक गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल है। सुनवाई के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय होने के संबंध में याचिकाकर्ता की तरफ से कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण एकलपीठ ने याचिका को खारिज कर दिया।