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MP News: रिटायर्ड IPS अफसर वी मधुकुमार को बड़ी राहत कैट ने विभागीय जांच पर लगाई रोक

Sat, 25 May 2024 05:10 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

मध्य प्रदेश के रिटायर्ड आईपीएस अफसर वी मधुकुमार को कैट से बड़ी राहत मिली है। उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच पर रोक लगा दी गई है। केंद्र व राज्य सरकार को नोटिस जारी हुए हैं। 

 
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वी मधुकुमार रिटायर्ड आईपीएस अफसर (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी वी मधुकुमार को केंद्रीय प्रशासनिक प्राधिकरण से राहत मिली है। जबलपुर स्थित कैट की अवकाशकालीन पीठ ने उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच पर रोक लगा दी है। कैट ने केन्द्र व राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई दो जुलाई को निर्धारित की है।

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 आयकर विभाग ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी आर्म्स डीलर प्रतीक जोशी के भोपाल स्थित ठिकानों पर दबिश दी थी। दबिश के दौरान आयकर विभाग को एक डायरी बरामद हुई थी। इसमें वी मधुकुमार द्वारा 12.5 करोड़ रुपये देने का उल्लेख किया गया था। चुनाव आयोग ने केन्द्र व राज्य सरकार को डायरी के पेज भेजते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ जांच करने को कहा था।

राज्य सरकार ने आईपीएस वी मधुकुमार को चार्जशीट जारी की थी। इस पर उन्होंने आपत्ति पेश की थी। उनकी आपत्ति पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और जांच अधिकारी की नियुक्ति कर दी गई। इसके खिलाफ उन्होने कैट की शरण ली थी। उनकी तरफ से अधिवक्ता पंकज दुबे ने पैरवी करते हुए कैट को बताया गया कि डायरी में वीएमबी लिखा था। बिना किसी साक्ष्य के उसका अर्थ वी मधुकुमार निकाला गया है। किसी अन्य के पास मिली डायरी के आधार पर विभागीय जांच नहीं हो सकती है। राज्य व केन्द्र सरकार द्वारा उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश का पालन नहीं किया गया है। याचिकाकर्ता सेवानिवृत्त और विभागीय जांच में कोई प्रगति नहीं है। सुनवाई के बाद कैट की युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी किए।
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प्रतीक जोशी और अश्विन शर्मा भोपाल के आर्म्ड डीलर हैं। दोनों आपस में रिश्तेदार भी हैं। आयकर विभाग के सूत्रों ने उनके घर से नौ करोड़ रुपये मिलने की बात बताई है। दोनों की सीएम हाउस तक सीधे पहुंच थी। बताया गया था कि प्रवीण कक्कड़ इन्हीं के माध्यम से डीलिंग करते थे। अश्विन शर्मा की कई भाजपा नेताओं से भी नजदीकी की बात सामने आई है। 

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